Political Rhetoric in India: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच बढ़ती वैश्विक अस्थिरता और महंगाई को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से खर्चों में कटौती और त्याग की अपील की है। पीएम मोदी की इस अपील पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने पीएम की इन बातों को ‘उपदेश’ नहीं, बल्कि सरकार की ‘नाकामी का सबूत’ बताया है।
क्या कहा पीएम मोदी ने?
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संकट के बीच आम नागरिकों से कई अपीलें कीं। उन्होंने कहा:
- सोना न खरीदें: मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे एक साल तक सोना न खरीदें।
- ईंधन की बचत करें: ईरान युद्ध की वजह से दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल महंगे हो चुके हैं, ऐसे में पेट्रोल कम जलाना बेहद जरूरी है।
- विदेश यात्रा कम करें: विदेश यात्रा पर खर्च को सीमित करें।
- वर्क फ्रॉम होम अपनाएं: कोरोना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस को फिर से प्राथमिकता दें।
- सार्वजनिक यातायात का इस्तेमाल: मेट्रो और सार्वजनिक यातायात का इस्तेमाल बढ़ाएं।
- खाद-तेल की बचत: खाद और खाने के तेल के इस्तेमाल को भी कम करने की जरूरत है।
सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि आज फर्टिलाइजर की बोरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन हजार रुपए की बिक रही है, लेकिन भारत में सरकार सब्सिडी देकर उसे किसानों को महज 300 रुपए में मुहैया करा रही है।
राहुल गांधी का तीखा पलटवार
पीएम मोदी की इन अपीलों पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर बड़ा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं।
राहुल गांधी ने आगे लिखा कि 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।























