Noida News: आईएमएस लॉ कॉलेज, नोएडा में मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) सम्मेलन के दूसरे संस्करण का आगाज हो गया है। शुक्रवार को शुरू हुए दो दिवसीय ‘एमयूएन 2026’ के पहले दिन दिल्ली एनसीआर के विभिन्न स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों से आए लगभग 180 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता, सलाहकार प्रोफेसर डॉ. जेके शर्मा, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
छात्र हैं आने वाले कल के नायक: चिराग गुप्ता
अपने संबोधन में आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने छात्रों को उत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आप सभी आने वाले कल के नायक हैं। आपके विचारों का प्रभाव आने वाले समय में समाज के भविष्य पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने समाज में न्याय व्यवस्था बनाए रखने में युवाओं की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।
चिराग गुप्ता ने आगे कहा कि जीवन में सफलता के लिए अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहिए, कामयाबी जरूर मिलेगी। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कपड़ा पहनना सभ्यता है, लेकिन उसे कैसे पहनना है, यह हमारी संस्कृति है। जीवन में किस राह पर चलना है, यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है।
नेतृत्व और तार्किक क्षमता का मंच: डॉ. जेके शर्मा
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डॉ. जेके शर्मा ने एमयूएन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एमयूएन जैसे मंच छात्रों को नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और तार्किक सोच (Logical Thinking) विकसित करने का अनूठा अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह आयोजन युवाओं को वैश्विक विषयों की समझ विकसित करने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करेगा। आईएमएस नोएडा हमेशा छात्रों को केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रयासरत रहा है।
विभिन्न समितियों में हुई गहन चर्चा
एमयूएन 2026 के संयोजक डॉ. गोविंद प्रसाद गोयल ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया गया है। इनमें लोकसभा, ऑल इंडिया पॉलिटिकल पार्टी मीट (AIPPM), यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली (UNGA), UNCSW, इंटरनेशनल प्रेस, IFTF और IPL ऑक्शन हाउस शामिल हैं। इन समितियों के तहत विद्यार्थियों ने समसामयिक राष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए और समाधान-आधारित चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया।























