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ज्योति बाबा का संदेश: परिवार ही सामाजिक स्थिरता की नींव

Jyoti Baba's Message: अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख और एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरू ज्योति बाबा ने अपने संबोधन में कहा कि परिवार सिर्फ भावनात्मक सहारा नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता, सांस्कृतिक मूल्यों और मानव पूंजी निर्माण का आधार है।

अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर ज्योति बाबा का संदेश

HIGHLIGHTS

  • ज्योति बाबा का नशा मुक्ति संदेश
  • परिवार मजबूत, देश मजबूत
  • नशा मुक्त बचपन का आह्वान
  • संयुक्त परिवार, स्वस्थ समाज
  • बच्चों के लिए सुरक्षित घर

UP News : संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल 15 मई को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर सूर्योदय फाउंडेशन, प्रयागराज और सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष ई-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का शीर्षक ‘नशा हटेगा तो बचपन खिलेगा, परिवार मजबूत तो देश मजबूत’ था।

कार्यक्रम के दौरान संयुक्त राष्ट्र द्वारा चिन्हित 2026 की थीम ‘परिवार, असमानताएं और बच्चों का कल्याण’ पर विस्तृत चर्चा की गई। यह थीम बढ़ती आर्थिक और सामाजिक खाई के बीच आय, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाओं में हो रहे भेदभाव से बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों को रेखांकित करती है।

परिवार सामाजिक स्थिरता का आधार: ज्योति बाबा

अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख और एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरू ज्योति बाबा ने अपने संबोधन में कहा कि परिवार सिर्फ भावनात्मक सहारा नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता, सांस्कृतिक मूल्यों और मानव पूंजी निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा, “बच्चों को बराबरी के अवसरों के साथ-साथ नशा मुक्त वातावरण देना ही होगा। एक संयुक्त परिवार ही स्वस्थ समाज की पहली इकाई है।” उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हर बच्चे को पोषण, शिक्षा और प्यार भरा माहौल मिले, क्योंकि परिवार बचेंगे तभी देश बढ़ेगा।

समावेशी नीतियों पर जोर: धीरेंद्र राय

सूर्योदय फाउंडेशन के संस्थापक धीरेंद्र राय ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र इस साल ‘इंटीग्रेटेड फैमिली ओरिएंटेड पॉलिसी’ पर जोर दे रहा है। इसमें चाइल्ड बेनिफिट, पेड पैरेंटल लीव, सस्ती चाइल्ड केयर और अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन जैसे कदम शामिल हैं, जो न केवल गरीबी कम करते हैं बल्कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ाते हैं।

विशेषज्ञों के विचार

इस अवसर पर देशभर से जुड़े वक्ताओं ने अपने विचार रखे:

  • डॉ. धर्मेंद्र यादव (लखनऊ): कम आय वाले परिवारों के बच्चे स्वास्थ्य और शिक्षा में पीछे रह जाते हैं, जिसका असर पूरी जिंदगी रहता है।
  • घनश्याम द्विवेदी (दिल्ली): बच्चों के उन्नत भविष्य के लिए गरीबी से बचाव, पोषण, हेल्थ केयर और इमोशनल सपोर्ट जरूरी है।
  • सुप्रिया यादव (राजस्थान): परिवार है तो संसार है, वरना जीवन बेकार है।
  • पारुल गुप्ता (बिहार): परिवार में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए, सबको प्यार मिले तभी खुशहाल संसार बनेगा।
  • दुष्यंत अवस्थी (उत्तराखंड): एक छत, एक थाली, एक जैसी खुशहाली यही परिवार दिवस की असली दिवाली है।
  • जयप्रकाश पांडे (मध्य प्रदेश): पढ़ाई, दवाई और सुरक्षा हर बच्चे का हक है और हर परिवार की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी आकाश नारायण गुप्ता ने किया, जबकि संयोजन सुश्री गीता जी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन पीयूष रंजन सनातनी ने दिया। कार्यक्रम के समापन पर योग गुरू ज्योति बाबा ने सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति और संयुक्त परिवार बनाने का संकल्प दिलाया।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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