Delhi News : दिल्ली के पालम इलाके में हुए विनाशकारी अग्निकांड को लेकर आप पार्टी (AAP) ने भाजपा की केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन पर जबरदस्त हमला बोला है। आप पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि पालम अग्निकांड में प्रशासन की लापरवाही और मानसिकता के कारण उन निर्दोष लोगों की जान जा सकती थी, जो अग्नि की चपेट में आ गए।
‘बदनामी छुपाने के चलते नहीं बचाई गई जान’
बता दें कि पत्रकारों से बातचीत करते हुए सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाए कि पालम अग्निकांड में प्रशासन अपनी बदनामी छुपाने में ज्यादा व्यस्त रहा बजाय इसके कि वह लोगों की जान बचाता। उन्होंने बताया कि जिस मकान में आग लगी थी, उसके ठीक बगल में गद्दों की एक दुकान थी, जहां सैकड़ों गद्दे पड़े थे। हादसे के समय लगभग 500 स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड से गुहार लगाई थी कि वे गद्दे बिछा दें, ताकि ऊपर फंसे लोग कूदकर अपनी जान बचा सकें।
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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट खराब थी। स्थानीय लोग विनती कर रहे थे कि गद्दे बिछा दिए जाएं। तीसरी मंजिल की बालकनी महज 30-32 फुट की ऊंचाई पर थी। अगर गद्दे बिछ जाते, तो लोग कूदकर अपनी जान बचा सकते थे, लेकिन प्रशासन ने ऐसा नहीं होने दिया।
दर्दनाक वीडियो सामने लाए सौरभ भारद्वाज
बता दें कि इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो प्रस्तुत करते हुए एक बेहद दर्दनाक खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जहां नौ लोगों की मौत हुई, वहां अंतिम संस्कार के लिए सिर्फ आठ चिताएं थीं। उन्होंने बताया कि 70 साल की एक बुजुर्ग मां अपनी जवान बेटी को बचाने के लिए उसे गले लगाए रही। आग में उनकी लाशें इतनी ज्यादा आपस में चिपक गईं कि अलग नहीं हो सकीं। इसलिए नौ मौतों के बावजूद सिर्फ आठ चिताएं जलीं। यह दृश्य बयान करता है कि आखिर किन बेकसूरों की जान गई।
जनकपुरी हादसे से खींचा ताना
बता दें कि सौरभ भारद्वाज ने पालम हादसे की तुलना पिछले जनकपुरी हादसे से करते हुए कहा कि जब कमल ध्यानी नामक व्यक्ति की मौत खुले गड्ढे में गिरने से हुई थी, तब भी सरकार का पहला रुख यह था कि ‘विभाग की कोई गलती नहीं थी, बैरिकेडिंग थी’। उन्होंने आरोप लगाया कि पालम अग्निकांड में भी सरकार पहले से ही मृतकों पर दोष डालने की कोशिश में लगी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता असलियत जान चुकी है। सरकार की जिम्मेदारी लोगों की जान बचाने की थी, लेकिन वह खुद को बचाने में लगी है।
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वीरेंद्र सचदेवा के बयान का किया खंडन
बता दें कि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के इस बयान का कि वहां ‘ज्वलनशील पदार्थ’ रखे हुए थे, सौरभ भारद्वाज ने जमकर विरोध किया। उन्होंने सवाल पूछा कि वह कॉस्मेटिक और होजरी की दुकान थी। क्या किसी भी कॉस्मेटिक या होजरी की दुकान पर सामान नहीं होता? क्या वहां पेट्रोल या बम रखे थे? आखिर ऐसा कौन सा ज्वलनशील पदार्थ था जिसके लिए पूरी तरह से मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाए?





















