Jammu—Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार को एक बड़ा और दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। रामनगर-उधमपुर हाइवे पर एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे गिर गई। इस भयानक हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर दर्दनाक मंजर देखने को मिला और चीख-पुकार मच गई।
कैसे हुआ हादसा?
यह दुखद घटना उधमपुर जिले के रामनगर क्षेत्र के खगोते (कनोट गांव) के पास सुबह के समय हुई। जानकारी के अनुसार, रामनगर से उधमपुर जा रही एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे पहाड़ी से नीचे खाई में जा गिरी। बस में सवार यात्री इस हादसे को लेकर बिल्कुल अनजान थे, जिस कारण ज्यादातर यात्री बस के अंदर ही फंस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन और एयरलिफ्ट की तैयारी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य को तेजी से शुरू कर दिया गया है। मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला जा रहा है और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी जानकारी
इस हादसे पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए दुख जताया। उन्होंने लिखा, “अभी-अभी, उधमपुर के DC श्री मिंगा शेरपा से बात हुई। मुझे पता चला कि एक घंटे से भी कम समय पहले, कनोट गांव में एक दुखद सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में रामनगर से उधमपुर जा रही एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस शामिल थी।”
उन्होंने आगे बताया, “बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है। इसमें काफी लोगों के हताहत होने की आशंका है। हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। मैं स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ, श्री राजिंदर शर्मा के नेतृत्व वाली हमारी स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीम के भी लगातार संपर्क में हूं।”
खतरनाक माना जाता है यह हाइवे
दरअसल, उधमपुर-रामनगर मार्ग पहाड़ी इलाके से होकर गुजरता है। यहां सड़कों की बदहाल स्थिति, तीखे और घुमावदार मोड़ों के साथ-साथ संकरे रास्तों की वजह से वाहन चलाना टेढ़ी खीर है। बदलते मौसम और खराब सड़क निर्माण के चलते यहां अक्सर ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं।
यातायात डायवर्ट
इस ताजा हादसे के बाद रामनगर-उधमपुर हाइवे पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। पुलिस ने स्थिति को काबू में रखने और रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए आसपास के क्षेत्रों से ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है। फिलहाल, हादसे के सही कारणों (जैसे तेज रफ्तार, सड़क पर फिसलन या ड्राइवर की लापरवाही) और हताहतों की सटीक संख्या का पता लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।


















