Women’s Reservation Bill: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को नारी शक्ति वन्दन अधिनियम संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस बिल को गिराकर महिलाओं के अधिकारों पर सीधा कुठाराघात किया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम गुप्ता ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारे लगाती है, उसने इस ऐतिहासिक बिल का विरोध करके अपना असली और महिला विरोधी चेहरा दिखा दिया है।
30 साल की उम्मीदों पर पानी फेरने का आरोप
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि पिछले 30 सालों से लंबित महिला आरक्षण बिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में पारित कराया गया था। लेकिन जब इसे 2029 के लोकसभा चुनाव में जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए जरूरी संशोधन लाया गया, तो विपक्ष की अगुवाई कर रही कांग्रेस इसे पचा नहीं सकी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मतदान के दौरान इस बिल का विरोध करके देश की माताओं-बहनों को 33% आरक्षण से वंचित करने का पाप किया है।
2029 के चुनाव तक आरक्षण सुनिश्चित करने था उद्देश्य
सीएम रेखा गुप्ता ने संशोधन की तकनीकी जरूरत को विस्तार से समझाते हुए कहा कि वर्तमान में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में जो सीटों की संख्या है, वह 1971 की जनगणना के आधार पर है, जब देश की आबादी महज 50 करोड़ थी। आज यह आबादी डेढ़ सौ करोड़ के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों का निर्धारण बिना नई जनगणना के नहीं हो सकता। अगर मौजूदा समय में शुरू हुई जनगणना और उसके बाद परिसीमन (Delimitation) का इंतजार किया गया, तो महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव में यह आरक्षण नहीं मिल पाता। इसलिए 2011 की जनगणना के आधार पर इसे लागू करने के लिए यह संशोधन लाया गया था।
Live: Hon’ble CM Smt. @gupta_rekha is addressing a Press Conference. https://t.co/4wVVgkvEO9
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) April 19, 2026
विपक्ष ने बर्बाद किया संसद का विशेष सत्र
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने संसद का 3 दिन का विशेष सत्र बुलाया, लेकिन कांग्रेस और संपूर्ण विपक्ष ने मिलकर इस समय को भी खराब कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस की इस करतूत को देश की जनता और नारी शक्ति भलीभांति देख रही है और आगामी चुनावों में वह इन्हें मुंह तोड़ जवाब देगी।
गौरतलब है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ साल 2023 में संसद में पारित हुआ था, लेकिन इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जनगणना से जुड़े प्रावधानों में छूट देने के लिए इस संशोधन विधेयक को लाया गया था, जो विपक्ष के विरोध के कारण पारित नहीं हो सका।




















