नारी शक्ति बिल पर सियासी घमासान: सीएम रेखा गुप्ता का विपक्ष पर हमला

Women's Reservation Bill:  सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि पिछले 30 सालों से लंबित महिला आरक्षण बिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में पारित कराया गया था। लेकिन जब इसे 2029 के लोकसभा चुनाव में जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए जरूरी संशोधन लाया गया, तो विपक्ष की अगुवाई कर रही कांग्रेस इसे पचा नहीं सकी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष को ललकारा

HIGHLIGHTS

  • ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ पर तंज: सीएम ने कांग्रेस को घेरा
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर गरमाई राजनीति, सीएम का विपक्ष पर निशाना
  • महिला विरोधी चेहरा उजागर: रेखा गुप्ता का कांग्रेस पर बड़ा आरोप
  • बिल विरोध पर भड़कीं सीएम गुप्ता, बोलीं- महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़
  • भाजपा कार्यालय से रेखा गुप्ता का हमला: कांग्रेस पर साधा निशाना

Women’s Reservation Bill: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को नारी शक्ति वन्दन अधिनियम संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस बिल को गिराकर महिलाओं के अधिकारों पर सीधा कुठाराघात किया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम गुप्ता ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारे लगाती है, उसने इस ऐतिहासिक बिल का विरोध करके अपना असली और महिला विरोधी चेहरा दिखा दिया है।

30 साल की उम्मीदों पर पानी फेरने का आरोप

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि पिछले 30 सालों से लंबित महिला आरक्षण बिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में पारित कराया गया था। लेकिन जब इसे 2029 के लोकसभा चुनाव में जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए जरूरी संशोधन लाया गया, तो विपक्ष की अगुवाई कर रही कांग्रेस इसे पचा नहीं सकी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मतदान के दौरान इस बिल का विरोध करके देश की माताओं-बहनों को 33% आरक्षण से वंचित करने का पाप किया है।

2029 के चुनाव तक आरक्षण सुनिश्चित करने था उद्देश्य

सीएम रेखा गुप्ता ने संशोधन की तकनीकी जरूरत को विस्तार से समझाते हुए कहा कि वर्तमान में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में जो सीटों की संख्या है, वह 1971 की जनगणना के आधार पर है, जब देश की आबादी महज 50 करोड़ थी। आज यह आबादी डेढ़ सौ करोड़ के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों का निर्धारण बिना नई जनगणना के नहीं हो सकता। अगर मौजूदा समय में शुरू हुई जनगणना और उसके बाद परिसीमन (Delimitation) का इंतजार किया गया, तो महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव में यह आरक्षण नहीं मिल पाता। इसलिए 2011 की जनगणना के आधार पर इसे लागू करने के लिए यह संशोधन लाया गया था।

विपक्ष ने बर्बाद किया संसद का विशेष सत्र

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने संसद का 3 दिन का विशेष सत्र बुलाया, लेकिन कांग्रेस और संपूर्ण विपक्ष ने मिलकर इस समय को भी खराब कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस की इस करतूत को देश की जनता और नारी शक्ति भलीभांति देख रही है और आगामी चुनावों में वह इन्हें मुंह तोड़ जवाब देगी।

गौरतलब है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ साल 2023 में संसद में पारित हुआ था, लेकिन इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जनगणना से जुड़े प्रावधानों में छूट देने के लिए इस संशोधन विधेयक को लाया गया था, जो विपक्ष के विरोध के कारण पारित नहीं हो सका।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now