महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद पीएम मोदी की चुनौतीपूर्ण हुंकार

PM Modi Address To Nation: पीएम मोदी ने कहा कि कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम हार गए हैं। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारे पास आगे भी मौके आएंगे। उन्होंने देश की माताओं और बहनों से क्षमा याचना करते हुए कहा कि जब कुछ लोगों के लिए 'दलहित' 'देशहित' से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को नुकसान उठाना पड़ता है।

देश की माताओं-बहनों से पीएम मोदी ने मांगी क्षमा

HIGHLIGHTS

  • 54 वोटों से गिरा नारी शक्ति वंदन बिल
  • पीएम मोदी बोले- 'दलहित ने देशहित को मार डाला'
  • बिल गिरने के बाद विपक्ष को पीएम मोदी की सख्त चेतावनी
  • पीएम मोदी का विपक्ष पर जुबानी हमला
  • पीएम मोदी ने बताया बिल गिरने का असली कारण

PM Modi Address To Nation: लोकसभा में महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) से जुड़े संशोधन विधेयक के 54 वोटों से गिरने के एक दिन बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के नाम संबोधन में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिल के गिरने के लिए कांग्रेस और अन्य ‘परिवारवादी’ दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि स्वार्थ की राजनीति के चलते देश की नारी शक्ति के सपनों को कुचला गया। पीएम मोदी ने साफ किया कि उनका “आत्मबल अजेय है” और सरकार ने अभी हार नहीं मानी है। हम पीएम मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें हम आपको विस्तार के साथ बताते हैं।

54 वोटों से गिरा इतिहासिक बिल

बता दें कि लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन बिल को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) जरूरी था। कुल 528 वोट पड़ने में बिल के पक्ष में सिर्फ 298 वोट ही आ सके, जिससे यह बिल महज 54 वोटों के अभाव में गिर गया।

‘हमारा आत्मबल अजेय है’

बता दें कि अपने लगभग 30 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम हार गए हैं। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारे पास आगे भी मौके आएंगे। उन्होंने देश की माताओं और बहनों से क्षमा याचना करते हुए कहा कि जब कुछ लोगों के लिए ‘दलहित’ ‘देशहित’ से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को नुकसान उठाना पड़ता है।

कांग्रेस पर ‘लटकाने और अटकाने’ का आरोप

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “लटकाना और अटकाना” कांग्रेस का सिद्धांत और वर्क कल्चर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के हर जरूरी सुधार का विरोध किया है। पीएम ने इस सूची में जनधन, आधार, डिजिटल पेमेंट्स, जीएसटी, आर्टिकल 370 हटाना, तीन तलाक कानून, सीएए, यूनिफॉर्म सिविल कोड और वन नेशन वन इलेक्शन जैसे मुद्दे शामिल किए।

‘परिवारवादी दलों’ को महिलाओं के सशक्त होने का डर

बता दें कि पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि परिवारवादी पार्टियों को डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं तो उनका वर्चस्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, “ये दल नहीं चाहते कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। पंचायतों में महिलाओं ने अपनी क्षमता साबित की है, अब वो संसद और विधानसभाओं में आना चाहती हैं, लेकिन इन दलों ने उनकी उड़ान को रोक दिया।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों पर सवार है और उन्हें भी डुबो देगी।

तालियां बजाना ‘नारी के स्वाभिमान पर चोट’

पीएम मोदी ने बिल गिरने के बाद विपक्ष के तरफ से तालियां बजाने की घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि जब नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तब कुछ दलों के लोग तालियां बजा रहे थे। यह सिर्फ मेज थपथपाना नहीं था, बल्कि नारी के स्वाभिमान पर चोट थी। उन्होंने चेतावनी दी कि नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। देश की नारी जब भी इन नेताओं को देखेगी, तो याद आएगा कि इन्होंने महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था।

परिसीमन को लेकर विपक्ष का झूठ फैलाना

पीएम मोदी ने विपक्ष पर परिसीमन को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संशोधन से न किसी राज्य का प्रतिनिधित्व घटेगा और न ही किसी की हिस्सेदारी कम होगी, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी।

भाजपा महिला सांसदों का प्रदर्शन

गौरतलब है कि बिल गिरने के बाद भाजपा की महिला सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्ष के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था। वहीं, पीएम मोदी ने शनिवार को तमिलनाडु के चुनावी प्रचार के दौरान भी संकेत दिए थे कि बीजेपी-एनडीए इस बिल को पास कराने के लिए ‘दूसरे रास्ते’ तलाश रही है। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे को भुनाने के लिए आगे भी रणनीतिक तरीके अपना सकती है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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