बांसडीह: 30 मार्च को विशाल धरना-प्रदर्शन, पर्चा वितरण के साथ शुरू हुआ प्रचार अभियान

गोंड प्रमाण पत्र को लेकर उठा आंदोलन का शंखनाद

UP News: गोंड अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्रों के सुगम निर्गमन और शासनादेशों के सख्त अनुपालन की मांग को लेकर उठी आवाज अब आंदोलन का रूप लेने जा रही है। 30 मार्च 2026 को यूपी के बांसडीह तहसील पर प्रस्तावित विशाल ‘धरना-प्रदर्शन एवं घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन की सफलता सुनिश्चित करने हेतु शुक्रवार (20 मार्च) को प्रचार-प्रसार का शुभारंभ कर दिया गया है।

शासनादेश के अनुपालन की मांग

बता दें कि आंदोलनकारियों का कहना है कि मान्य प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन, समाज कल्याण अनुभाग-3, लखनऊ द्वारा 3 नवम्बर 2021 को जारी शासनादेश में दिए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अक्षरशः अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इस शासनादेश के अनुसार, गोंड जनजाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में आसानी होनी चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। प्रशासनिक लापरवाही और विलंभ से परेशान समाज के लोग अब सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।

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तहसील से शुरू हुआ प्रचार अभियान

इस क्रम में 20 मार्च 2026 को बांसडीह तहसील से पर्चा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्चे बांटकर लोगों को 30 मार्च के आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया। पर्चों में शासन के उदासीनता के खिलाफ आवाज उठाने और अपने वैध अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया गया है।

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30 मार्च का कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार, 30 मार्च 2026 को बांसडीह तहसील पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ कार्यक्रम के तहत तहसील प्रशासन को घेराव करने की योजना है। आयोजनकर्ताओं ने दावा किया है कि यह आंदोलन प्रशासन को झकझोर देगा और गोंड समाज के हितों की रक्षा के लिए सरकार को गंभीर कदम उठाने पर मजबूर करेगा। प्रचार अभियान के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि यदि उनकी उचित मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन का स्वरूप और व्यापक होगा। प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अब वे सभी संवैधानिक उपायों का सहारा लेंगे।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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