Priyanka Gandhi on Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण (Women Reservation) और परिसीमन को लेकर चल रची गहमागहमी के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा तंज कसा। प्रियंका ने सरकार की ‘राजनीतिक कुटिलता’ पर निशाना साधते हुए चाणक्य का उदाहरण दिया, जिस पर अमित शाह ठहाके लगाकर हंस पड़े और पूरा सदन हंसी की गूंज से भर गया।
सदन में चाणक्य का जिक्र और गूंजी हंसी
वायनाड से पहली बार लोकसभा में बोल रही प्रियंका गांधी ने अपने भाषण के दौरान सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हम विरोध इसलिए नहीं कर रहे क्योंकि हम महिला आरक्षण के खिलाफ हैं, बल्कि हमारा विरोध इसलिए है क्योंकि इसमें राजनीतिक मंशा साफ नजर आ रही है। इसी दौरान उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर आज चाणक्य जिंदा होते, तो इस सरकार की राजनीतिक कुटिलता देखकर वे बहुत हैरान हो जाते।
प्रियंका के इस तंज का अमित शाह ने खूब आनंद लिया। वे अपनी कुर्सी पर बैठे ठहाके लगाकर हंस पड़े। उनकी इस हंसी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से भारी हंसी की लहर दौड़ गई और कुछ देर के लिए सदन का गंभीर माहौल हल्का हो गया।
‘543 सीटों में ही 33% आरक्षण क्यों नहीं?’
हालांकि, हंसी के बाद प्रियंका ने सरकार पर संगीन आरोप लगाते हुए तर्क दिया कि सरकार इस बिल के जरिए ओबीसी वर्ग के अधिकारों को प्रभावित करना चाहती है। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा, “जब मौजूदा 543 लोकसभा सीटें हैं, तो उनमें ही 33% आरक्षण लागू क्यों नहीं किया जा सकता? परिसीमन का इंतजार क्यों?” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह विधेयक वर्तमान स्वरूप में पास हुआ तो लोकतंत्र पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
नेहरू की विरासत का जिक्र
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में ऐतिहासिक संदर्भ भी दिए। उन्होंने मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए बताया कि 1928 में मोतीलाल नेहरू की रिपोर्ट में ही मौलिक अधिकारों और महिलाओं के अधिकारों की बात की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन संविधान की भावना के साथ समझौता कर रहे हैं। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं पर दबाव बना रही है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है।



















