राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

UP News: यह विवाद 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से और तूल पकड़ा है। राहुल गांधी ने इस बार रायबरेली सीट से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। याचिकाकर्ता का मुख्य आरोप है कि यदि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं, तो उनका रायबरेली से नामांकन दाखिल करना और सांसद चुना जाना पूरी तरह से गैरकानूनी है।

ब्रिटिश नागरिकता विवाद में कोर्ट का फैसला आया
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HIGHLIGHTS

  • क्या राहुल गांधी हैं ब्रिटिश नागरिक?
  • इलाहाबाद HC ने CBI जांच के दिए आदेश
  • राहुल गांधी की 'कथित' ब्रिटिश नागरिकता पर रायबरेली में दर्ज होगी FIR
  • राहुल गांधी की नागरिकता पर अब CBI करेगी जांच
  • दोहरी नागरिकता केस में राहुल गांधी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

UP News: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लिए बुरी खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी कथित ब्रिटिश नागरिकता के मामले में एक बड़ा आदेश देते हुए रायबरेली में उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले की गहन जांच के लिए इसे सीबीआई (CBI) को सौंपने की भी सिफारिश की है। यह फैसला जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने बीजेपी नेता विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है।

पूरा मामला क्या है?

भाजपा नेता विग्नेश शिशिर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राहुल गांधी पर ‘दोहरी नागरिकता’ रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राहुल गांधी एक तरफ से भारतीय नागरिक हैं, जबकि दूसरी तरफ उनके पास ब्रिटेन की नागरिकता भी है। भारतीय कानून के तहत किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक देशों की नागरिकता होना वैध नहीं है और ऐसा व्यक्ति भारत में चुनाव लड़ने का अधिकारी नहीं है, न ही वह सांसद बन सकता है।

2024 के चुनाव पर उठे सवाल

यह विवाद 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से और तूल पकड़ा है। राहुल गांधी ने इस बार रायबरेली सीट से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। याचिकाकर्ता का मुख्य आरोप है कि यदि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं, तो उनका रायबरेली से नामांकन दाखिल करना और सांसद चुना जाना पूरी तरह से गैरकानूनी है।

कोर्ट ने क्या दिए निर्देश?

हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए तीन बड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:

  1. रायबरेली कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
  2. उत्तर प्रदेश सरकार की मांग को स्वीकार करते हुए मामले की जांच CBI को सौंपी जाए।
  3. CBI को यह पता लगाना होगा कि आरोपों के अनुसार राहुल गांधी के पास सच में ब्रिटिश पासपोर्ट और नागरिकता है या नहीं।

केंद्र सरकार की भूमिका पर क्या कहा गया?

याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने अदालत में एक बड़ा दावा भी किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने कोर्ट में दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि पीएम और गृहमंत्री ने इस केस से जुड़ी ‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें अदालत में पेश करने की अनुमति दी थी। उनका मानना है कि इन्हीं गोपनीय दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने एफआईआर के आदेश दिए हैं।

CBI इस बात की तफ्तीश करेगी कि क्या राहुल गांधी ने कभी ब्रिटिश नागरिकता ली? क्या उन्होंने भारतीय नागरिकता की शपथ में धोखाधड़ी की? वहीं, याचिकाकर्ता ने साफ कहा है कि वह जांच एजेंसियों को हर संभव मदद उपलब्ध कराएंगे। इस कानूनी पेच के बाद से राजनीतिक गलियारों में तहलका मच गया है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज हो सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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