कानपुर पुलिस ने रचा इतिहास: महज 48 घंटे में 750 अपराधियों को दबोचा

UP Police: उत्तर प्रदेश में विशेष अभियान पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के सख्त निर्देशों पर मंगलवार को शुरू किया गया और कानपुर कमिश्नरेट के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस ने एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। 48 घंटे तक लगातार चली इस धरपकड़ अभियान में पुलिस ने खासकर उन अपराधियों को निशाना बनाया।

कानपुर पुलिस ने 750 गिरफ्तार किए, अपराधियों को जेसीपी की चेतावनी
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HIGHLIGHTS

  • कानपुर में पुलिस का 'मेगा ऑपरेशन'
  • फरार अपराधियों पर बरसी गिरफ्तारी की बौछार
  • कानपुर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, 2 दिन में 750 आरोपी चेतक
  • लंबित मामलों का सफाया: कानपुर पुलिस ने 48 घंटे में भेजे 225 वारंटी जेल
  • कमिश्नर के फरमान पर कानपुर पुलिस का बड़ा एक्शन

Kanpur Police: उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने ऐसा ‘मेगा ऑपरेशन’ चलाया है, जिसकी कहानियां अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस कमिश्नरेट ने महज 48 घंटे के भीतर एक साथ 750 इतिहास बनाने वाली गिरफ्तारी की है। इनमें से 225 ऐसे शातिर अपराधी हैं, जिन्हें कोर्ट के वारंट के आधार पर सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। यह अभियान कानपुर पुलिस के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और सबसे तेज अभियान माना जा रहा है।

पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शुरू हुआ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसा अभियान

बता दें कि यह विशेष अभियान पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के सख्त निर्देशों पर मंगलवार को शुरू किया गया और कानपुर कमिश्नरेट के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस ने एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। 48 घंटे तक लगातार चली इस धरपकड़ अभियान में पुलिस ने खासकर उन अपराधियों को निशाना बनाया, जो लंबे समय से गिरफ्तारी को चल रहे थे या जिनके खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट (NBW) जारी हो चुका था।

225 अपराधियों की सीधे जेल में वारंटी भेजी

बता दें कि जॉइंट पुलिस कमिश्नर (जेसीपी) विपिन टांडा ने इस अभियान की सफलता की जानकारी देते हुए बताया कि सभी थानों की पुलिस टीमों ने समन्वय के साथ कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए कुल 750 अपराधियों में से 225 को नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) के तहत गिरफ्तार करते ही सीधा अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, बाकी बचे हुए आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।

साउथ जोन में सबसे ज्यादा सफलता

बता दें कि अभियान के दौरान कानपुर के दक्षिणी क्षेत्र (साउथ जोन) पुलिस का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा। यहां से बड़ी संख्या में फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ा गया। कोर्ट के वारंट पर गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों को डीसीपी मुख्यालय में पेश करने के बाद अदालत भेजा गया।

क्यों चलाया गया यह अभियान?

बता दें कि पुलिस के अनुसार, इस अभियान का मुख्य मकसद लंबित मामलों (Pending Cases) को तेजी से निस्तारित करना था। कई ऐसे मामले थे जिनमें आरोपी गिरफ्तारी से बचते हुए लंबे समय से फरार थे, जिसकी वजह से केस की जांच और कानूनी कार्रवाई अटकी हुई थी। इस ऑपरेशन से ऐसे केसों को नई दिशा मिलेगी।

जेसीपी का संदेश- “अब किसी को नहीं बख्शेंगे”

जॉइंट पुलिस कमिश्नर विपिन टांडा ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई एकबारगी नहीं है। उन्होंने कहा, “कानपुर में यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर 48 घंटे में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारी हुई है। आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे और शहर में अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचेगा। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”

कानपुर पुलिस के इस ताबड़तोड़ एक्शन से शहर के अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है और आम जनता में पुलिस की इस कार्रवाई की खूब सराहना हो रही है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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