UP News: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और श्रमिक कल्याण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) समेत प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भड़काई जा रही अशांति को लेकर सीएम योगी ने तल्ख अंदाज में साफ कह दिया है कि “अराजक तत्वों की अब खैर नहीं।” उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वास्तविक श्रमिक नहीं, बल्कि अशांति फैलाने वाले उपद्रवियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें बेनकाब करने के लिए चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर उनके पोस्टर लगाए जाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक तरफ जहां श्रमिकों के अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, वहीं उनकी आड़ में राजनीति या उपद्रव करने वालों को नसीहत दी कि प्रदेश के औद्योगिक वातावरण को बिगाड़ने वालों की साजिश किसी भी कीमत पर नाकाम की जाएगी।
श्रमिक हितों में ‘जीरो टॉलरेंस’, भड़काने वालों पर भी पाबंदी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों को समय पर पूर्ण वेतन, सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां और सभी वैधानिक सुविधाएं प्राप्त होना उनका अधिकार है। इसमें कोई भी कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन, साथ ही उन्होंने श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार पर भी पैनी निगरानी रखने कही गई है।
मनपावर एजेंसियों की खोली जाएगी पोल
गौतमबुद्ध नगर में सामने आई घटनाओं के बाद मनपावर सप्लाई एजेंसियों में अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएम ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति गठित कर दी है। इस समिति और श्रम विभाग प्रदेश की सभी मनपावर एजेंसियों की गहन जांच करेंगे। जांच का फोकस श्रमिकों की वास्तविक संख्या, कंपनियों द्वारा एजेंसियों को भुगतान और श्रमिकों को मिल रहे वास्तविक भुगतान के अंतर को समझना होगा। ईएसआई (ESI) और बीमा जैसी सुविधाओं की स्थिति का भी सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह के शोषण पर रोक लगाई जा सके।
श्रमिकों के लिए बड़े कदम- ग्रीवांस सेल से लेकर डॉरमेट्री तक
श्रमिक कल्याण को और पुख्ता करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई बड़े निर्देश दिए:
- ग्रीवांस सेल: सभी सरकारी और निजी औद्योगिक इकाइयों में शिकायत निवारण के लिए सक्रिय और पारदर्शी ‘ग्रीवांस सेल’ बनाना अनिवार्य किया गया है।
- मेस और आवास: फैक्ट्रियों में गुणवत्तापूर्ण मेस (खाने की व्यवस्था) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री (छात्रावास) और सस्ते आवासीय योजनाओं का खाका तैयार करने को कहा गया है।
- सुरक्षा बीमा: जिन श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में जाता है, उनके लिए दुर्घटना और असामयिक मृत्यु की स्थिति में सुरक्षा बीमा अनिवार्य किया गया है।
प्रदेश में सामान्य हो रही स्थिति, 1 अप्रैल से बढ़े वेतन का लाभ
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त ने बताया कि हाल में वेतन वृद्धि के फैसले के बाद श्रमिकों में संतोष है और उद्यमी वर्ग भी इससे खुश है। गौतमबुद्ध नगर की स्थिति लगभग सामान्य हो चुकी है। कुछ इकाइयों में प्रबंधन संबंधी शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री ने थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बढ़े हुए वेतन का लाभ 01 अप्रैल से सभी श्रमिकों को मिलना चाहिए। प्रशासन और पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रमिकों की आड़ में कोई भी अराजक तत्व औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न कर सके और प्रदेश की फैक्ट्रियां सुचारु रूप से चलती रहें।




















