UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपराधियों और अराजकतत्ववादियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी ने भी सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश की, तो मुस्तैद पुलिस उसका ‘काम तमाम’ कर देगी। सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र में 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन कर रहे थे।
इन नवनिर्मित भवनों में मंदिर सुरक्षा से जुड़े अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) व पुलिस उपाधीक्षक (DSP) कार्यालय, आधुनिक कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटिनेंस वर्कशॉप जैसी उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने भवनों का निरीक्षण भी किया।
पुलिस अब नहीं रहेगी ‘असहाय’
इस अवसर पर संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पिछले कार्यकाल की कमियों को गिनाते हुए कहा, “पहले पुलिस थाने का भवन तो बनता था, लेकिन उसमें बैरक और अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं होती थीं। अपराधी पकड़कर लाने के बाद उसे रखने की व्यवस्था न होने से पुलिस असहाय दिखती थी और कई बार अपराधी फरार भी हो जाता था।”
उन्होंने कहा, “अब ऐसा नहीं होगा। थानों में अपराधियों को रोककर रखने की पूरी व्यवस्था है। हर थाने में पुलिसकर्मियों के लिए बेहतरीन बैरक बनाए गए हैं और हर समय पर्याप्त फोर्स तैनात रहेगी। जो भी थाने की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास करेगा, मुस्तैद पुलिसकर्मी उसका काम तमाम करता दिखाई देगा।”
2017 के बाद बदली पुलिस की तस्वीर
सुशासन और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले पुलिस बल में आधे से अधिक पद खाली थे। पिछली सरकारों ने भर्ती, ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे युवाओं में पुलिस में भर्ती होने का जुनून नहीं था।
योगी सरकार आने के बाद इस स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आया। सीएम ने बताया, “बीते 9 वर्षों में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती पूरी की गई है। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता एक समय में महज 3 हजार थी, जो अब बढ़कर 60 हजार हो गई है। समय पर दिए गए संसाधनों से पुलिस को 200 गुना अधिक सुविधाएं दी गई हैं।”
‘पुलिसवाले ने घर कब्जा लिया’ वाली शिकायतों पर योगी का जवाब
सीएम योगी ने पुलिसकर्मियों के निजी जीवन की समस्याओं को भी समझा। उन्होंने कहा, “पहले थाना, चौकी, पुलिस लाइन या पीएसी वाहिनी में कहीं भी अच्छी आवासीय सुविधा नहीं थी। पुलिसकर्मी किराए पर रहता था। कई बार शिकायतें आती थीं कि पुलिस वाले ने घर पर कब्जा कर लिया। लेकिन सच यह था कि उसके बच्चे की परीक्षा होती थी और मकान मालिक उसे घर खाली करने के लिए बाध्य करता था।” उन्होंने गर्व से कहा, “आज ये सारी शिकायतें समाप्त हो गई हैं। सरकार ने हर पुलिस लाइन में बेहतरीन आवासीय सुविधाएं और बैरक बनवाए हैं। जब पुलिसकर्मी का परिवार सुरक्षित होगा, तो वह प्रदेश की सुरक्षा में बेहतर ढंग से जुट पाएगा।”
मुख्यमंत्री ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि सुरक्षा ही सुशासन की पहली शर्त है। बेहतर ट्रेनिंग, भर्ती और आधुनिक अवस्थापना का ही परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में सुशासन का बेहतरीन मॉडल खड़ा करने में सफल हुआ है।




















