UP: एटीएस ने पाकिस्तान-अफ्रीका नेटवर्क के 2 और आतंकियों को दबोचा

UP Terror Module Busted:जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे मास्टरमाइंड (पाकिस्तान, अरब और अफ्रीका) युवाओं को ब्रेनवॉश करने के लिए एक खास फॉर्मूला इस्तेमाल करते थे। वे वीडियो कॉल पर AK-47 और ग्रेनेड चलाते हुए दिखाकर युवाओं में हथियारों का जुनून पैदा करते थे।

यूपी एटीएस ने युवाओं को बर्बाद करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया
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HIGHLIGHTS

  • UP को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम
  • रेलवे सिग्नल तोड़कर UP में खूनी खेल खेलने आए थे आतंकी
  • टेलीग्राम पर 'जिहाद' की पढ़ाई!
  • वीडियो कॉल पर AK-47 दिखाकर युवाओं को भर्ती करता था ये टेरर मॉड्यूल
  • टेलीग्राम ग्रुप चलाकर युवाओं का ब्रेनवॉश करते थे राजूराम और समीर

UP Terror Module Busted: उत्तर प्रदेश को दहलाने की बड़ी साजिश को यूपी एटीएस (UP ATS) और स्थानीय पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और साउथ अफ्रीका में बैठे मास्टरमाइंड्स के संपर्क में एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस मॉड्यूल का इरादा रेलवे ट्रैक पर बड़े हादसे को अंजाम देकर और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ब्लास्ट करके प्रदेश में जारी शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को तहस-नहस करना था।

एटीएस और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इस नेटवर्क के दो और खतरनाक लिंक्स को गिरफ्तार किया है। राजस्थान से राजूराम गोदारा और बिजनौर से समीर उर्फ रोहान को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पहले से गिरफ्तार शाकिब (मेरठ) के साथ मिलकर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के इशारों पर काम कर रहे थे।

टेलीग्राम और वीडियो कॉल पर चलता था ‘रिक्रूटमेंट’ का धंधा

जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस टेरर मॉड्यूल ने हथियारों को जमीन पर उतारने की जगह, साइबर स्पेस को अपना अड्डा बनाया था। बिजनौर से पकड़े गए समीर उर्फ रोहान के पास से हथियारों (AK-47 और ग्रेनेड) की तस्वीरें और उन जगहों की लोकेशन बरामद हुई हैं, जहां हिंसा फैलाने की योजना थी।

समीर वीडियो कॉल के जरिए सऊदी अरब में बैठे आकिब और साउथ अफ्रीका के मैजुल व आजाद को हथियारों का प्रदर्शन करता था। वह बिजनौर में बैठकर टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से नए युवाओं को टारगेट करता था और उन्हें राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए रेडी करता था।

रेलवे सिग्नल और भीड़भाड़ वाले इलाके थे निशाने पर

दूसरी ओर, राजस्थान से गिरफ्तार राजूराम गोदारा इस आतंकी टेलीग्राम ग्रुप का एडमिन था। राजूराम ने अपनी नापाक हरकतों का डेमो देने के लिए निमिष रस्तोगी नामक व्यक्ति की गाड़ी को आग लगा दी और उसका वीडियो शाकिब को भेजा था।

एटीएस के मुताबिक, शाकिब, अरबाब, विकास और लोकेश के साथ मिलकर राजूराम ट्रेन सिग्नल सिस्टम को खराब करने की साजिश रच रहा था। इसका मकसद किसी बड़ी ट्रेन दुर्घटना को अंजाम देना था। इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करके तात्कालिक अराजकता फैलाने और हिंदू नेताओं की रेकी करके उन्हें निशाना बनाने की योजना थी।

मास्टरमाइंड्स का खौफनाक ‘मोडस ऑपरेंडी’

पूरे नेटवर्क की जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे मास्टरमाइंड (पाकिस्तान, अरब और अफ्रीका) युवाओं को ब्रेनवॉश करने के लिए एक खास फॉर्मूला इस्तेमाल करते थे। वे वीडियो कॉल पर AK-47 और ग्रेनेड चलाते हुए दिखाकर युवाओं में हथियारों का जुनून पैदा करते थे। इसके बाद उन्हें यूपी के महत्वपूर्ण स्थानों और संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें खींचकर भेजने के लिए कहा जाता था।

एजेंसियां जड़ों तक पहुंचने में जुटीं

यूपी एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट्स ने इस मॉड्यूल के इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को खंगालना शुरू कर दिया है। आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया ऐप्स (खासकर टेलीग्राम) से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ एक छोटा मॉड्यूल नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों और देशों से जुड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और बड़े और सक्रिय चेहरों की गिरफ्तारी हो सकती है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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