Chhattisgarh News: सोशल मीडिया पर रील (Reel) देखने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली सा विवाद इतना खौफनाक बन गया कि पत्नी और बेटियों ने मिलकर पिता (पति) की बेरहमी से हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि इस खूनी करतूत को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी ने पुलिस और तंत्र को बेवकूफ बनाते हुए घटना को ‘हादसा’ करार दिया और मृतक की जगह सरकारी नौकरी (अनुकंपा नियुक्ति) तक हड़प ली। हालांकि, 8 महीने की कड़ी मेहनत के बाद रायपुर पुलिस ने इस सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा मामला रायपुर के विपणन संघ में कार्यरत कर्मचारी वीरेंद्र भारती गोस्वामी का है। पुलिस के अनुसार, घटना करीब 8 महीने पहले 27 सितंबर की रात करीब 11 बजे की है। उस वक्त घर में वीरेंद्र, उनकी पत्नी दीपा (44), दो बेटियां (बड़ी बेटी तनिया 19 साल और एक नाबालिग) तथा 10 साल का बेटा मौजूद था।
रात को बड़ी बेटी तनिया मोबाइल पर रील देख रही थी। इसे लेकर वीरेंद्र ने उसे टोका, जिससे पिता-बेटी के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बहस इतना बढ़ गया कि यह मारपीट का रूप ले लिया। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस दौरान पत्नी दीपा और दोनों बेटियों ने मिलकर वीरेंद्र पर हमला कर दिया। आरोप है कि तीनों ने लकड़ी के बैट और ईंट से वीरेंद्र के सिर पर बेरहमी से कई वार किए।
17 गंभीर चोटें बताती हैं हत्या की पूरी कहानी
जांच में सामने आया कि वीरेंद्र के शरीर पर कोई 17 गंभीर चोटें थीं, जो किसी फिसलने या सामान्य गिरने से नहीं आ सकती थीं।
हादसे का नाटक और नौकरी पर कब्जा
अपने आपको बचाने के लिए आरोपियों ने एक सनसनीखेज साजिश रची। पत्नी दीपा ने परिवार के अन्य सदस्यों (जिसमें 10 साल का बेटा भी शामिल था) के साथ मिलकर एक सुनियोजित झूठ फैलाया। उसने आसपास के लोगों और पुलिस को बताया कि वीरेंद्र बाथरूम में फिसलकर गिर गए और बेहोश हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस झूठी कहानी के चलते शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे दुर्घटना मान लिया।

इतना ही नहीं, सबसे बड़ा तथ्य यह है कि पत्नी दीपा भारती ने इसी कथित ‘हादसे’ को आधार बनाकर पति की मौत के बाद विभाग से ‘अनुकंपा नियुक्ति’ (कंपेंसेटरी जॉब) पर नौकरी हासिल कर ली और पति की जगह वह काम करने लगी।
8 महीने बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दिए राज
मामला तब उलझा जब देर से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर 17 गंभीर चोटों का जिक्र सामने आया। बाथरूम में फिसलने और इन चोटों के बीच कोई ताल्मेल नहीं बैठ रहा था। पुलिस को शक हुआ और मामले की जांच दोबारा शुरू की गई।
जब पुलिस ने तीनों आरोपियों—पत्नी दीपा, बेटी तनिया और नाबालिग बेटी से सख्ती से पूछताछ की, तो उनका झूठ बेनकाब हो गया। पत्नी दीपा ने गुस्से में आकर पूरी सच्चाई कबूल कर ली। उसने बताया कि कहासुनी के बाद तीनों ने मिलकर वीरेंद्र को लाठी-ईंट से मार डाला था।
पुलिस की कार्रवाई
रायपुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अब यह सवाल भी उठ रहा है कि बिना पूरी जांच पूरी हुए पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति कैसे दी गई। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह मामला साबित करता है कि कैसे एक परिवार के अंदर का कलह सोशल मीडिया की दुनिया की वजह से खूनी खेल में बदल सकता है।




















