Noida Protest: दिल्ली एनसीआर के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में हाल ही में देखी गई हिंसा और तनाव के पीछे एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश सामने आ रही है। पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नोएडा में हिंसा भड़काने के पीछे पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स का हाथ बताया जा रहा है। इन हैंडल्स ने भ्रामक खबरें और पोस्ट वायरल करके भारी तनाव पैदा किया, जिसके बाद नोएडा में उग्र भीड़ सड़कों पर उतर आई।
13 अप्रैल को डाली गई थी भड़काऊ पोस्ट
जांच में सामने आया है कि 13 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर **@Proudindiannavi** और **@Mir_llyas_INC** नामक दो अकाउंट्स से लगातार संवेदनशील और भ्रामक पोस्ट साझा किए गए। इन पोस्ट्स का एक ही मकसद था—लोगों के बीच डर और नफरत फैलाकर कानून-व्यवस्था को चरमरा देना। इन भ्रामक सूचनाओं का असर इतना तेज हुआ कि गौतमबुद्धनगर के कई इलाकों में तुरंत तनाव का माहौल बन गया।
भीड़ ने सड़कों पर किया तांडव
सोशल मीडिया पर भड़काऊ अफवाहों के बाद मौके पर हालात बिगड़ते चले गए। उग्र भीड़ सड़कों पर उतर आई और जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई। हिंसक भीड़ ने आम नागरिकों पर हमला किया और सड़कों पर खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
VPN की आड़ भी नहीं छुपा सकी पाकिस्तानी साजिश
बता दें कि मामले की जांच में जुटी साइबर सेल और नोएडा पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत तकनीकी विश्लेषण से मिला। पुलिस ने पाया कि इन दोनों एक्स हैंडल्स को संचालित करने वाले लोगों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल किया था। लेकिन, पुलिस की तकनीकी जांच ने उनकी इस चाल को नाकाम कर दिया और आईपी लोकेशन ट्रैक करने पर यह हैंडल पाकिस्तान से चल रहे होने का पुख्ता पता चला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इन खातों के जरिए भारत में हिंसा भड़काने की कोशिश की गई है। पहले भी ये हैंडल किसी न किसी रूप में सक्रिय रहे हैं।
दर्ज हुआ मुकदमा, एजेंसियां सतर्क
इस पूरे मामले को लेकर थाना सेक्टर-20, गौतमबुद्धनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1) और 353(2) (सरकारी काम में बाधा डालना) और आईटी एक्ट की धारा 66 (कंप्यूटर सिस्टम से अवैध रूप से संचालन) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस कमिश्नर का संदेश
बता दें कि नोएडा पुलिस ने इस खुलासे के बाद आम जनता से अपील की है कि कोई भी अफवाह या भ्रामक खबर पर भरोसा न करें। फिलहाल, गुप्तचर एजेंसियां और स्थानीय पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं और सोशल मीडिया पर हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आने वाले समय में इस अंतरराष्ट्रीय साजिश के बारे में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।



















