प्रकृति का अविश्वसनीय चमत्कार: दीमकों ने खोद डाली जमीन, बन गया विशाल शहर

दीमकों ने बनाया पिरामिड से भी बड़ा ढांचा
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Giant Natural Structure: क्या आपने कभी सोचा था कि छोटे-से कीड़े करोड़ों साल पहले ऐसा शहर बनाएंगे, जिसे देखकर इंसान भी हैरान रह जाए? ब्राजील में एक ऐसा ही अनोखा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां जमीन के नीचे ‘सिंटरमेस डिरस’ नामक दीमक प्रजाति ने ऐसा विशाल भूमिगत नेटवर्क तैयार किया है, जिसकी विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह आकार में ब्रिटेन जितना बड़ा है। यह संरचना इतनी विशाल है कि इसे अंतरिक्ष से भी आसानी से देखा जा सकता है।

क्या है यह रहस्यमयी संरचना?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन छोटे-छोटे दीमकों ने हजारों सालों से लगातार काम करके लगभग 20 करोड़ मिट्टी के टीले बनाए हैं, जिन्हें ‘मुरुंडास’ कहा जाता है। इनमें से हर एक टीला लगभग 7 फीट ऊंचा और 30 फीट चौड़ा है। जब ये करोड़ों टीले एक साथ जुड़ जाते हैं, तो एक विशाल भू-आकृति बन जाती है। दिलचस्प बात यह है कि इन टीलों को बनाने के लिए इन दीमकों ने इतनी मात्रा में मिट्टी खोदी है कि उससे हजारों बड़े पिरामिड बनाए जा सकते हैं।

टीले नहीं हैं घर, बल्कि हैं कचरा घर

आमतौर पर लोग सोचते हैं कि ये टीले दीमकों के रहने की जगह होंगे, लेकिन रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ये टीले असल में दीमकों के कचरा जमा करने के स्थान हैं। असली ‘शहर’ जमीन के नीचे फैला हुआ है, जहां हजारों मील लंबी सुरंगें और सड़कों का जाल है। यह पूरा नेटवर्क एक जटिल अंडरग्राउंड सिस्टम की तरह काम करता है।

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साल में एक बार खुलता है ‘सुपरमार्केट’

ये दीमक अपने भोजन के लिए एक खास तरह के पेड़ की सूखी पत्तियों पर निर्भर रहते हैं। यह पत्तियां साल में सिर्फ एक बार गिरती हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान दीमकों की हालत ऐसी होती है जैसे साल में सिर्फ एक दिन कोई सुपरमार्केट खुला हो और वे जल्दबाजी में ज्यादा से ज्यादा सामान (पत्तियां) जुटाने की दौड़ में लगे हों।

वैज्ञानिकों के लिए बना रहस्य

स्थानीय लोग इन टीलों को सदियों से जानते थे, लेकिन इनकी असली विशालता तब सामने आई जब सैटेलाइट इमेजरी और गूगल अर्थ के जरिए इस पूरे क्षेत्र का नजारा देखा गया। स्टीफन मार्टिन नाम के वैज्ञानिक ने जब इसे देखा, तो वे इसके पैमाने से हैरान रह गए।
वैज्ञानिकों के सामने अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। आमतौर पर दीमकों की कॉलोनी में एक रानी होती है, लेकिन इन टीलों में ऐसी कोई स्पष्ट संरचना या रानी नहीं मिली है। इतने विशाल नेटवर्क का संगठन कैसे काम करता है, यह आज भी विज्ञान के लिए एक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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