Delhi Ncr News: गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने नकली मुद्रा के सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से ₹500 के 234 नकली नोट बरामद हुए हैं। हालांकि, गिरोह का मास्टरमाइंड पुलिस की पकड़ से बचकर फरार हो गया, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है।
कैसे हुई कार्रवाई?
बता दें कि पुलिस सूत्रों के अनुसार, 25 मार्च 2026 को सूचना मिली थी कि लोनी बॉर्डर क्षेत्र के स्थानीय मार्केट में कुछ लोग नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और जाल बिछाकर तीन संदिग्ध व्यक्तियों को धर दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकली नोटों के अलावा एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल वे अपनी गतिविधियों के लिए कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
बता दें कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान सुबोध कुमार (46), रोहित (26) और मुन्ना उर्फ हरीश (30) के रूप में हुई है। सुबोध और रोहित ये दोनों आपस में चाचा-भतीजे हैं। ये मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान में दिल्ली के नेब सराय इलाके में रहते हैं। मुन्ना उर्फ हरीश यह नोएडा के सलारपुर क्षेत्र का निवासी है और पेशे से ऑटो चालक है।
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मास्टरमाइंड और सप्लाई चेन का खुलासा
बता दें कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने पूरा राज़ खोल दिया है। उन्होंने बताया कि वे नकली नोटों को बाजार में खपाकर मोटा मुनाफा कमाते थे। कई बार वे नकली नोटों को असली नोट बताकर भी बेच देते थे।पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार तीनों आरोपी लोनी बॉर्डर के रहने वाले **अभिषेक उर्फ गज्जू** को नकली नोट सप्लाई करने आए थे। अभिषेक इन नोटों को आगे सप्लाई करने वाला मुख्य कार्यकर्ता था। जब पुलिस ने छापा मारा, तो अभिषेक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है।
झारखंड का कनेक्शन और आगे की जांच
बता दें कि मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि आरोपियों को नकली नोट झारखंड का रहने वाला एक ‘अज्ञात सप्लायर’ देता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह के तार सीमापार (क्रॉस-बॉर्डर) किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और अब तक कितनी मात्रा में नकली नोट बाजार में खपा चुका है। फरार आरोपी अभिषेक और झारखंड स्थित अज्ञात सप्लायर की तलाश जारी है।

























