शारदीय नवरात्र के अवसर पर सेक्टर-110 स्थित महर्षि नगर में आयोजित दुर्गा पूजा एवं श्रीरामलीला महोत्सव में शुक्रवार की शाम भक्ति, वीरता और धर्म की विजय के प्रसंगों के नाम रही। रामलीला में शबरी उद्धार, राम-सुग्रीव मिलन, बाली वध, अक्षय कुमार वध, रावण-हनुमान संवाद और लंका दहन का भावपूर्ण मंचन किया गया। लंका दहन का दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। हनुमान जी की वीरता और निर्भीकता के मंचन पर दर्शकों ने जय श्रीराम के जयघोष से परिसर को गुंजायमान कर दिया।
मीडिया प्रभारी ए.के. लाल के अनुसार, कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और आर. चौधरी तेज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रामलीला के प्रसंगों के जरिए भगवान श्रीराम की करुणा, मित्रता का महत्व और हनुमान जी की भक्ति, शक्ति तथा समर्पण को दर्शकों तक पहुंचाया गया।
शबरी की भक्ति से लंका दहन तक दिखे प्रेरक प्रसंग
मंचन की शुरुआत शबरी प्रसंग से हुई। भगवान राम के प्रति शबरी की निष्ठा और प्रेम ने दर्शकों को भावुक किया। इस प्रसंग ने भक्ति में सच्चे मन और समर्पण के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद राम-सुग्रीव मिलन का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें मित्रता, विश्वास और कठिन समय में एक-दूसरे का साथ निभाने का संदेश सामने आया।
बाली वध के प्रसंग में धर्म और न्याय के प्रश्न को नाटकीय रूप से दर्शाया गया। कलाकारों के संवाद और मंच प्रस्तुति ने कथा को प्रभावशाली बनाया। इसके बाद अक्षय कुमार वध और रावण की सभा में हनुमान जी के निर्भीक संवाद का मंचन हुआ। हनुमान जी के आत्मविश्वास और प्रभु राम के प्रति अटूट निष्ठा ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण लंका दहन रहा। मंच पर लंका दहन का दृश्य प्रस्तुत होते ही दर्शकों में उत्साह बढ़ गया। हनुमान जी की वीरता और रावण की सभा में उनके निर्भय व्यवहार को कलाकारों ने जीवंत रूप दिया। दृश्य के समापन पर परिसर में जय श्रीराम के नारे गूंज उठे।
पूजा, वेद पाठ और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ महर्षि नगर
रामलीला के साथ महर्षि नगर में दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, वैदिक अनुष्ठान, वेद पाठ, भजन-कीर्तन, प्रवचन और आरती का आयोजन हो रहा है। सुबह के धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर शाम के भक्ति संगीत तक, महोत्सव स्थल पर श्रद्धा और उत्सव का माहौल बना हुआ है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन कार्यक्रमों में भाग लेकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, दुर्गा पूजा, विजयादशमी और श्रीरामलीला महोत्सव का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों तथा भारतीय संस्कृति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास
आयोजकों ने बताया कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आदर्शों और जीवन-मूल्यों को समझने का अवसर भी है। कथा के जरिए नई पीढ़ी को सत्य, त्याग, कर्तव्य, मर्यादा और पारिवारिक मूल्यों की सीख देने का प्रयास किया जा रहा है। राम-सुग्रीव की मित्रता, शबरी की भक्ति और हनुमान जी का समर्पण जैसे प्रसंग दर्शकों को अलग-अलग संदेश देते हैं।
महोत्सव में महर्षि महेश योगी संस्थान के अध्यक्ष एवं महर्षि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ राहुल भारद्वाज, राम श्रीवास्तव, लक्ष्मण श्रीवास्तव, के.के. श्रीवास्तव और संदीप श्रीवास्तव भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
श्री दुर्गा पूजा, विजयादशमी एवं श्रीरामलीला महोत्सव के संयोजक रामेंद्र सचान, शिशिर श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव और विनीत श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। महर्षि नगर में जारी यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ रामकथा की सांस्कृतिक परंपरा को भी जीवंत कर रहा है।



























