Delhi Govindpuri Firing: दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके गोविंदपुरी में देर रात दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। 21 और 22 अक्टूबर की दरमियानी रात हुई इस घटना में गोली चलने और चाकूबाजी की वजह से तीन लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से दो खाली कारतूस और दो चाकू बरामद किए हैं। फिलहाल झगड़े की असली वजह सामने नहीं आई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
Govindpuri Firing: आशा किरण अपार्टमेंट के पास हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, 21 और 22 अक्टूबर की रात करीब एक बजे गोविंदपुरी थाना क्षेत्र में आशा किरण अपार्टमेंट की नई बिल्डिंग के नजदीक फायरिंग की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला कि किसी बात को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
आरोप है कि झड़प के दौरान फायरिंग के साथ चाकुओं का भी इस्तेमाल किया गया। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए। वारदात की सूचना मिलने के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों को जांच में शामिल कर लिया है।
घटना के बाद इलाके में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर दोनों गुटों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ और मामला गोलीबारी तक कैसे पहुंच गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक झड़प के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
गोली लगने से घायल संजू अपोलो अस्पताल में भर्ती
इस घटना में घायल लोगों की पहचान संजू भेषधारी उर्फ कुमार भेषधारी, मंसूर आलम और नितिन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, संजू को गोली लगी है और उनका इलाज दक्षिण दिल्ली के सरिता विहार स्थित अपोलो अस्पताल में चल रहा है।
वहीं, 40 वर्षीय मंसूर आलम को मामूली चोटें आई थीं। उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। तीसरे घायल नितिन को इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
तीनों घायलों को चोटें किन परिस्थितियों में लगीं और झड़प में उनकी क्या भूमिका थी, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान और पूरे घटनाक्रम का पता लगाने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
बेटे के घायल होने की खबर सुनकर अस्पताल पहुंचीं मां
गोविंदपुरी फायरिंग की घटना में घायल 23 वर्षीय नितिन की मां सुमन ने बताया कि वारदात आधी रात के बाद हुई। उनके मुताबिक, उस समय इलाके में विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बाहर से शोर सुनाई दिया, जिसके बाद उनका बेटा घर से नीचे चला गया।
सुमन ने बताया कि कुछ देर बाद लोगों के चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगीं। जब उन्होंने नीचे जाकर जानकारी ली तो वहां मौजूद लोगों ने बताया कि उनके बेटे को गोली या चाकू लगा है। यह सुनकर वह तुरंत नीचे पहुंचीं। बेटे की गंभीर हालत देखकर उन्होंने देर किए बिना उसे ऑटो से एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
परिजनों के अनुसार, नितिन निजी क्षेत्र में काम करता है। उसकी मां का कहना है कि उन्हें अभी तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि उनका बेटा किस तरह इस विवाद में घायल हुआ। उन्हें यह भी नहीं पता कि झड़प की शुरुआत कैसे हुई और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।
नितिन की रिश्तेदार संगीता ने भी बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। उनके मुताबिक, फिलहाल परिवार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है और वे नितिन के इलाज को लेकर चिंतित हैं।
CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश
घटना की जांच में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अहम माना जा रहा है। परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज जुटाई है। इन रिकॉर्डिंग की जांच से झड़प में शामिल लोगों और वारदात के घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर सकती है, ताकि विवाद की शुरुआत, फायरिंग और चाकूबाजी की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। घटनास्थल से बरामद दो खाली कारतूस और दो चाकू भी जांच का हिस्सा हैं।
जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना में कितने लोग शामिल थे और हिंसा किस परिस्थिति में बढ़ी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक, गोविंदपुरी थाना पुलिस को फायरिंग की सूचना मिलने के बाद तत्काल मामले की जांच शुरू की गई। घटनास्थल से दो खाली कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस झड़प में शामिल लोगों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों गुटों के बीच विवाद की मूल वजह क्या थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाने के लिए प्रयास जारी हैं। मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



























