उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में मंगलवार रात हुई गोलीबारी में 34 वर्षीय मनीष यादव की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, बाइक पर आए दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर कई गोलियां चलाईं और वारदात के बाद फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल मनीष को परिजन सिविल लाइंस स्थित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने हत्या और हथियारों से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और आरोपियों की तलाश जारी है।
रात करीब 9:13 बजे मिली फायरिंग की सूचना
दिल्ली पुलिस के डीसीपी नॉर्थ ईस्ट राहुल आलवाल के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:13 बजे सोनिया विहार थाने को फायरिंग की सूचना मिली। पुलिस टीम 4.5 पुश्ता की सर्विस रोड के पास पहुंची, जहां मनीष यादव पर हमला हुआ था।
पुलिस के शुरुआती विवरण के मुताबिक, दो लोग मोटरसाइकिल पर आए थे। दोनों ने हेलमेट पहने हुए थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है। गोली चलाने के बाद वे मौके से भाग गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए।
पीछे से किया गया हमला
प्रत्यक्षदर्शी विवेक के मुताबिक, मनीष वहां से गुजर रहे थे, तभी बाइक सवार दो लोग उनके पास आए और पीछे से गोलियां चला दीं। मनीष को तीन गोलियां लगीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
मनीष की उम्र करीब 34 वर्ष थी और उनके दो बच्चे हैं। घटना से परिवार और आसपास के लोगों में चिंता का माहौल है। फिलहाल पुलिस ने हमले के मकसद को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि हमला किसी पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या किसी अन्य कारण से किया गया।
पुलिस ने बनाई कई टीमें
डीसीपी राहुल आलवाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें काम कर रही हैं। पुलिस को संदिग्धों के बारे में कुछ अहम सुराग मिलने की बात कही गई है। जांचकर्ता घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ-साथ उपलब्ध अन्य जानकारी की भी पड़ताल कर रहे हैं।
पुलिस आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल सकती है, ताकि हमलावरों के आने-जाने के रास्ते और मोटरसाइकिल की पहचान में मदद मिल सके। हालांकि, जांच से जुड़ी ऐसी किसी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे संभावित जांच कदम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
हत्या और हथियारों से जुड़े प्रावधानों में मामला
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मामले में एफआईआर संख्या 249/26 दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) तथा शस्त्र अधिनियम के प्रावधान शामिल बताए गए हैं। पुलिस की जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि गोलीबारी में इस्तेमाल हथियार कहां से आया और वारदात में शामिल दोनों लोगों की पहचान क्या है।
जांच के दौरान पुलिस हमले से पहले और बाद की गतिविधियों, संभावित गवाहों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जोड़कर घटनाक्रम समझने की कोशिश करेगी। अभी तक पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।



























