India Chem 2026 Inauguration: भारत को केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में इंडिया केम 2026 (India Chem 2026) की शुरुआत हो गई है। मुंबई में आयोजित 14वें द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय रासायनिक उद्योग की क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करना, निवेश के नए अवसर विकसित करना और भारत को एक प्रमुख ग्लोबल केमिकल्स हब के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘एडवांटेज भारत एंड इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब’ (Advantage Bharat and Emerging Global Chemicals Hub) रखी गई है। यह विषय भारत की औद्योगिक प्रगति, विनिर्माण क्षमता और वैश्विक केमिकल सप्लाई चेन में बढ़ती भूमिका पर केंद्रित है। तीन दिवसीय आयोजन में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों के बीच संवाद के माध्यम से इस क्षेत्र के भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।
इंडिया केम 2026 का भव्य उद्घाटन, कई दिग्गज हस्तियां रहीं मौजूद
उद्घाटन समारोह की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के अलावा रासायनिक, पेट्रोकेमिकल और विनिर्माण उद्योग से जुड़ी प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया।
समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल हुए। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और गुजरात के राज्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया की उपस्थिति ने आयोजन के नीतिगत महत्व को रेखांकित किया।
Advantage Bharat: An Emerging Global Chemicals Hub
🔸 Inauguration of India Chem 2026 at the hands of Union Minister J.P. Nadda and in the presence of CM Devendra Fadnavis.
CM of Madhya Pradesh Dr. Mohan Yadav, CM of Odisha Mohan Charan Majhi, Union MoS Anupriya Patel, MoS of Gujarat Praful Pansheriya, Chairman of FICCI National Petrochemicals Committee & MD and CEO of HMEL Prabh Das, Chairman & Group CEO of UPL Jai Shroff and other dignitaries were present.🔸 केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा यांच्या हस्ते आणि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या प्रमुख उपस्थितीत India Chem 2026 चे उदघाटन.
यावेळी मध्य प्रदेशचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ओडिशाचे मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, गुजरातचे राज्यमंत्री प्रफुल पानशेरिया, फिक्की राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल्स समितीचे अध्यक्ष, एचएमईएलचे व्यवस्थापकीय संचालक आणि मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभ दास, यूपीएलचे अध्यक्ष आणि समूहाचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी जय श्रॉफ व इतर मान्यवर उपस्थित होते.🔸 केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा इनके करकमलों से एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इनकी प्रमुख उपस्थिति में India Chem 2026 का उदघाटन।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, गुजरात के राज्यमंत्री प्रफुल पानशेरिया, फिक्की राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल्स समिति के अध्यक्ष, एचएमईएल के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभ दास, एवं अन्य मान्यवर उपस्थित थे।🕥 10.25am | 22-10-2026📍Mumbai | स. १०.२५ वा. | २२-१०-२०२६📍मुंबई.
@JPNadda @Dev_Fadnavis @DrMohanYadav51 @MohanMOdisha @AnupriyaSPatel @prafulpbjp @ficci_india @UPLLtd
#Maharashtra #DevendraFadnavis #IndiaChem2026— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) October 22, 2026
उद्योग जगत से FICCI की राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल्स समिति के अध्यक्ष एवं HMEL के प्रबंध निदेशक और CEO प्रभु दास तथा UPL के चेयरमैन और ग्रुप CEO जय श्रॉफ समेत कई प्रमुख प्रतिनिधि कार्यक्रम का हिस्सा बने। इनकी मौजूदगी से स्पष्ट है कि इंडिया केम 2026 (India Chem 2026) सरकार और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
देवेंद्र फडणवीस बोले- पेट्रोकेमिकल सेक्टर में मजबूत हो रही भारत की स्थिति
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भारत की रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता में हो रहे बदलावों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
पेट्रोलियम उत्पादों और उनसे जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों में भारत की बढ़ती क्षमता देश के लिए आर्थिक अवसर पैदा कर सकती है। रिफाइनिंग, प्लास्टिक, सिंथेटिक फाइबर, औद्योगिक रसायन और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पाद अनेक उद्योगों की उत्पादन प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र का विस्तार विनिर्माण, निर्यात और औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने में सहायक हो सकता है।
भारत के लिए अगली चुनौती केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, बेहतर गुणवत्ता, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप उद्योगों को विकसित करना भी है। India Chem 2026 जैसे आयोजन इन मुद्दों पर उद्योग और सरकार के बीच विचार-विमर्श का अवसर उपलब्ध कराते हैं।
गुजरात और महाराष्ट्र केमिकल इंडस्ट्री के प्रमुख केंद्र
भारत में केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग के विकास में गुजरात और महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। औद्योगिक आधार, रिफाइनिंग गतिविधियों, बंदरगाहों और आपूर्ति नेटवर्क जैसी सुविधाओं के कारण ये राज्य इस क्षेत्र में निवेश के प्रमुख केंद्रों में गिने जाते हैं।
वहीं, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्य भी अपने संसाधनों, औद्योगिक योजनाओं और विकास की संभावनाओं के जरिए इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। नए निवेश से उत्पादन इकाइयों, सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की संभावना रहती है।
हालांकि, भारत को अंतरराष्ट्रीय केमिकल बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन लागत, अनुसंधान एवं विकास और वैश्विक बाजारों तक पहुंच जैसे पहलुओं पर भी लगातार काम करना होगा।
इंडिया केम 2026 में निवेश और नई तकनीकों पर रहेगा फोकस
तीन दिवसीय इंडिया केम 2026 (India Chem 2026) के दौरान सेक्टोरल राउंडटेबल, रणनीतिक फोरम और औद्योगिक प्रदर्शनी आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से उद्योग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों, निवेश की संभावनाओं और तकनीकी बदलावों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
सम्मेलन में शामिल होने वाले निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के लिए यह मंच नई व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाएं तलाशने में उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा, भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ संवाद स्थापित करने और अपने उत्पादों एवं तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिल सकता है।
केमिकल उद्योग में आधुनिक उत्पादन तकनीक, डिजिटल समाधान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रियाएं भविष्य की प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसलिए टिकाऊ औद्योगिक विकास और सुरक्षित विनिर्माण को बढ़ावा देना भी इस क्षेत्र की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
भारत के लिए ग्लोबल केमिकल्स हब बनने का अवसर
भारत का केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस क्षेत्र की मजबूती से दवा निर्माण, कृषि, ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग, वस्त्र और निर्माण जैसे कई दूसरे उद्योगों को भी लाभ मिल सकता है।
इंडिया केम 2026 (India Chem 2026) के जरिए भारत अपनी औद्योगिक क्षमता और निवेश संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखने का प्रयास कर रहा है। यदि इस मंच पर होने वाली चर्चाएं ठोस निवेश, तकनीकी सहयोग और दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारियों में बदलती हैं, तो इससे देश के केमिकल सेक्टर को आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, इंडिया केम 2026 (India Chem 2026) भारत को वैश्विक केमिकल्स हब बनाने की दिशा में उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग बढ़ाने का एक अहम अवसर है। आने वाले समय में इस आयोजन की उपयोगिता इस बात से भी आंकी जाएगी कि इससे कितने नए निवेश, तकनीकी साझेदारियां और टिकाऊ औद्योगिक विकास के अवसर सामने आते हैं।



























