ऋषी तिवारी
Greater Noida News : साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा नया ‘खेल’ खेला कि एक बुजुर्ग व्यक्ति की जमा-पूंजी झपट्टे में उड़ गई। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर निवासी 72 वर्षीय दिलीप कुमार दास से नकली अदालत का सेटअप बनाकर और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 1.29 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरनाक स्वरूप को दर्शाता है, जहां ठगों ने पीड़ित को मानसिक रूप से तोड़ने के लिए एक पूरी फिल्मी स्क्रिप्ट का सहारा लिया।
कैसे शुरू हुआ सिलसिला?
मामले के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को दिलीप कुमार को एक कॉल मिली। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण (TRAI) का अधिकारी बताया। उसने दिलीप कुमार को डराया कि उनके सिम कार्ड से कुछ अवैध गतिविधियां पकड़ी गई हैं। इसके बाद मामले को गंभीर बताते हुए सीबीआई जांच का हवाला दिया गया और उन्हें तुरंत मुंबई बुलाया गया। जब दिलीप कुमार ने अपनी असमर्थता जताई, तो ठगों ने अपना असली चेहरा दिखाते हुए उन्हें वीडियो कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर दिया।

नकली अदालत का खौफनाक ड्रामा
इसके बाद जो हुआ, वह आम आदमी के लिए डरावना सपना से कम नहीं था। ठगों ने वीडियो कॉल के दौरान एक ऐसा सेटअप दिखाया जो बिल्कुल अदालत जैसा दिखता था। वहां जज की वेशभूषा में एक व्यक्ति और पुलिस की वर्दी पहने कुछ लोग मौजूद थे। यह नकली अदालत बुजुर्ग को डराने में पूरी तरह सफल रही।
यह भी पढ़ें : पंजाब में कानून-व्यवस्था चरमरा, सिंगर और एक्टर गिप्पी ग्रेवाल को मिली जानलेवा धमकी
ठगों ने दिलीप कुमार पर बैंक खाता बेचने और करोड़ों के अवैध लेनदेन का गंभीर आरोप लगाया। उन पर इतना मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया गया कि उन्हें लगा कि वे वाकई बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गए हैं। इसी दबाव में वे ठगों की हर बात मानने को मजबूर हो गए।
RTGS और UPI से हुई गाढ़ी कमाई की लूट
ठगों ने बैंक खातों के ‘सत्यापन’ के नाम पर उनसे पैसे मांगे। दहशत के साए में दिलीप कुमार ने अलग-अलग तारीखों में RTGS और UPI के माध्यम से कुल 1,29,61,962 रुपये ठगों द्वारा दिए गए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
यह भी पढ़ें : दिल्ली के पालम इलाके में इमारत में लगी भीषण आग, 9 लोगों की मौत
ठगी को और असली बनाने के लिए अपराधियों ने सुप्रीम कोर्ट और मुंबई पुलिस के नाम पर एक फर्जी ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ भी भेजा, ताकि पीड़ित को लगे कि मामला सुलझ गया है। हालांकि, जब काफी समय बीतने के बाद भी पैसा वापस नहीं आया, तो दिलीप कुमार को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस की जांच में जुटीड़ी
पीड़ित ने 12 मार्च को नोएडा के सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उनकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध खातों के ठिकानों का पता लगाया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।




















