Jalna Congress Dispute 2026: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस द्वारा राज्य भर में चलाए जा रहे ‘सृजन अभियान’ को जालना जिले में करारा झटका लगा है। आगामी चुनावों की तैयारियों और संगठन को मजबूत करने के लिए बुलाई गई एक अहम बैठक अखाड़े में तब्दील हो गई। जिला अध्यक्ष राजभाऊ देशमुख और निलंबित महिला जिला अध्यक्ष नंदा पवार के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई, जिसका अंजाम ‘जूता कांड’ तक पहुंच गया। यह पूरा हंगामा उस समय हुआ जब पार्टी के राष्ट्रीय निरीक्षक हेमंतसिंह पटेल और सांसद कल्याण काले समेत कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे।
मंच पर सवालों के बाद बिगड़ा माहौल
सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब निलंबित महिला नेता नंदा पवार मंच पर जाकर जिला अध्यक्ष राजभाऊ देशमुख से उनके निलंबन को लेकर सीधे सवाल पूछने लगीं। पवार ने आरोप लगाया कि देशमुख बदले की भावना से काम कर रहे हैं और उन पर झूठे आरोप लगाकर पार्टी से निलंबित किया गया है।
बहस बढ़ने पर पवार पर जिला अध्यक्ष के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया। इससे आगबबूला हुए राजभाऊ देशमुख ने अपना आपा खो दिया और तुरंत अपना जूता उतारकर महिला नेता पर हमला करने के लिए बढ़े। हालांकि, समय रहते मौजूद अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया। नतीजन, कोई बड़ी अनहोनी तो नहीं हुई, लेकिन बैठक का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और पार्टी की किरकिरी हो गई।

नगर निगम चुनाव का ‘भीतरघात’ है असली मुद्दा
दरअसल, यह पूरा विवाद जालना नगर निगम चुनाव से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने हाल ही में नंदा पवार समेत नौ पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया था। इन पार्षदों पर आरोप लगा था कि उन्होंने अनुमोदित सदस्य पद के चुनाव में भाजपा को समर्थन देकर पार्टी के साथ भीतरघात किया। हालांकि, नंदा पवार इन आरोपों को बेबुनियाद बताती हैं। उनका कहना है कि जिला अध्यक्ष अपनी खुद की विफलताओं और नगर निगम में पार्टी की हार को छिपाने के लिए उन्हें बलि का बकरा बना रहे हैं।
दिल्ली-मुंबई को भेजी जाएगी रिपोर्ट, बड़े बदलाव की संभावना
कांग्रेस के ‘संगठन सृजन‘ मिशन का उद्देश्य जिला और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करना था, लेकिन जालना की इस घटना ने शीर्ष नेतृत्व को स्थानीय स्तर पर अनुशासन की करारी वास्तविकता दिखा दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस ‘जूता कांड’ और कार्यकर्ताओं के बीच गुटबाजी की पूरी रिपोर्ट तैयार कर मुंबई प्रदेश मुख्यालय और दिल्ली कांग्रेस हाईकमान को भेजी जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि इस शर्मनाक घटना के बाद जालना जिला कांग्रेस कमेटी में बड़ा फेरबदल किया जा सकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।



















