सड़क सुरक्षा पर घिरी महाराष्ट्र सरकार, हर्षवर्धन सपकाल का बड़ा हमला

Maharashtra Road Accidents: महाराष्ट्र में बढ़ते सड़क हादसे अब एक गंभीर सार्वजनिक मुद्दा बन चुके हैं। विपक्ष जहां इसे सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार का परिणाम बता रहा है, वहीं सरकार के लिए यह स्थिति कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही की बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

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HIGHLIGHTS

  • महाराष्ट्र में बढ़ते सड़क हादसों पर सियासत तेज, मंत्री के इस्तीफे की मांग
  • हादसों की बढ़ती संख्या पर बवाल, परिवहन मंत्री से इस्तीफे की मांग
  • महाराष्ट्र में सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता, सरकार पर उठे सवाल
  • समृद्धि महामार्ग हादसों को लेकर विपक्ष का हमला तेज
  • सड़क सुरक्षा में नाकामी का आरोप, मंत्री पर विपक्ष का वार

Maharashtra News: महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। सपकाल ने कहा कि राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की जान पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

मुरबाड-कल्याण हादसे पर जताया दुख

बता दें कि सोमवार को मुरबाड-कल्याण मार्ग पर हुई इको कार दुर्घटना में 11 लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए सपकाल ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिजनों को कम से कम 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

ओवरलोडिंग और लापरवाही पर उठाए सवाल

सपकाल ने आरोप लगाया कि राज्यभर में, खासकर कल्याण क्षेत्र में, क्षमता से अधिक यात्रियों को ढोया जा रहा है, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग और पुलिस पर रिश्वत लेकर इस अवैध गतिविधि को नजरअंदाज करने के आरोप लग रहे हैं।

इसके अलावा, उन्होंने भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़े भूमि विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मंत्री इन मुद्दों में उलझने के बजाय सड़क सुरक्षा पर ध्यान देते, तो हालात बेहतर हो सकते थे।

आंकड़ों को छुपाने का आरोप

सपकाल ने यह भी आरोप लगाया कि 22 जनवरी 2026 को परिवहन आयुक्त द्वारा जारी बयान में समृद्धि महामार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं के आंकड़ों को छुपाने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे सरकार की विफलता छिपाने का प्रयास बताया।

चिंताजनक आंकड़े

राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं:

  • 2019 में सड़क हादसों में 12,788 लोगों की मौत
  • 2024 में यह संख्या बढ़कर 15,715 हो गई (लगभग 23% वृद्धि)
  • समृद्धि महामार्ग पर 2024 में 137 दुर्घटनाएं
  • 2025 में यह बढ़कर 185 (37% वृद्धि)
  • मृतकों की संख्या 2024 में 126 से बढ़कर 2025 में 152 हो गई

सरकार पर बढ़ा दबाव

इन आंकड़ों और आरोपों के बीच राज्य सरकार पर सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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