Ashok Kharat Case: अशोक खरात उर्फ ‘भोंदू बाबा’ की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है और भोंदू बाबा के काली करतूतों का असली चेहरा सामने आते ही पूलिस और जांच एजेंसियां सकते में हैं। फेक आयकर रेड, कारोबारियों से करोड़ों की उगाही और महिलाओं के शोषण के इस मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री से कई बड़े अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जो कि बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ में निभाया गया फेक सीबीआई अफसर का किरदार तो आपने देखा होगा, लेकिन नासिक के एक कथित धार्मिक गुरु ने इस फिल्मी कहानी को रियल लाइफ में भी उतार दिया।
फेक रेड और ‘स्पेशल 26’ जैसी ठगी का तरीका
बता दें कि जांच में सामने आया है कि भोंदू बाबा अपनी रचनात्मकता में किसी से कम नहीं था। वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर शहर के बड़े कारोबारियों और अमीरों को पहले अपने चंगुल में फंसाता था। उनकी कथित ‘काली कमाई’ और निजी जानकारियों को जुटाने के बाद, उसकी टीम फर्जी आयकर अधिकारियों के रूप में छापेमारी करती।
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डर और दबाव का ऐसा माहौल बनाया जाता कि कारोबारी बेचैन हो जाते, और फिर मामला रफा-दफा कराने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती। सूत्रों के अनुसार, इस फिल्मी अंदाज में करोड़ों रुपये की उगाही की गई है।
अंधविश्वास के जाल में फंसाकर महिलाओं का शोषण
ठगी के इस गिरोह का दूसरा और सबसे डरावना पहलू महिलाओं के शोषण से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, अब तक 11 और महिलाओं ने भोंदू बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिससे कुल पीड़ित महिलाओं का आंकड़ा 19 तक पहुंच गया है।
आरोप है कि खरात पूजा-पाठ और मानसिक शांति के नाम पर महिलाओं को अपने पास बुलाता था। इसके बाद अंधविश्वास और डर का ऐसा जाल बुनता कि महिलाएं उसके शोषण का शिकार हो जातीं और डर के माहौल में वह चुप भी रहतीं।
करोड़ों का लेन-देन और ED की एंट्री
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मामला और पेचीदा होता जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में 12 अलग-अलग केस दर्ज कर लिए हैं और SIT (विशेष जांच दल) लगातार बयान दर्ज कर रही है।
इसी बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री ने इस केस को एक नए मोड़ पर ला दिया है। ईडी अब पूरे मामले को ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ के एंगल से खंगाल रही है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शिरडी और नासिक की कई क्रेडिट सोसायटियों में फर्जी खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि इन फर्जी खातों में अशोक खरात का ही मोबाइल नंबर लिंक था। ईडी ने उसकी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
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IAS-IPS अफसरों में हड़कंप!
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भोंदू बाबा अकेला यह सब कर रहा था? जांच एजेंसियों को शक है कि इस ‘काले साम्राज्य’ को खड़ा करने में कुछ बड़ी मछलियां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ आईएएस, आईपीएस और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी अवैध कमाई को सफेद करने और निवेश करने के लिए भोंदू बाबा के इस नेटवर्क का इस्तेमाल किया है।
जांच आगे बढ़ने के साथ ही कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अधिकारियों में डर का माहौल दिखने लगा है। पुलिस और ईडी की संयुक्त कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस ‘स्पेशल 26’ गैंग के पर्दे पीछे के असली मास्टरमाइंड्स भी बेनकाब होंगे।




















