समाज सेवा और सामाजिक सरोकारों को अपनी प्राथमिक प्रतिबद्धता मानने वाली लव कुश रामलीला कमेटी ने एक बार फिर सेवा की अनुकरणीय मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर 2026 को लालकिला मैदान में दिव्यांगजनों तथा जरूरतमंद नागरिकों के लिए निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का भव्य आयोजन किया गया।
दिल्ली और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को यहां निःशुल्क स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ आधुनिक सहायक उपकरणों का भी लाभ मिला। शिविर स्थल पर पंजीकरण काउंटर, जांच केंद्र और उपकरण वितरण की व्यवस्था को विशेष रूप से सुगम बनाया गया था।
केंद्र सरकार और बड़ी सेवा संस्थाओं का मिला सहयोग
इस विशेष शिविर का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से किया गया, जिसमें नारायण सेवा संस्थान (उदयपुर), तारा संस्थान तथा एलप्स जैसी प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिविर में विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को जापानी तकनीक से निर्मित अत्याधुनिक 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल तथा अन्य आवश्यक सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए।
बता दें कि 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग हल्के, शरीर के अनुरूप फिट और टिकाऊ होते हैं, जिससे लाभार्थियों को चलने-फिरने तथा दैनिक कार्यों में काफी आसानी होती है। ऐसे आधुनिक उपकरण दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर देते हैं।
“ऐसे शिविर जीवन में लाते हैं सकारात्मक बदलाव”
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक बनाने की दिशा में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उपयुक्त सहायक उपकरण मिलने के बाद दिव्यांगजन न सिर्फ अपनी दैनिक गतिविधियां संभालते हैं, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी योगदान देने लगते हैं।
श्री कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना तथा चांदनी चौक के सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल शामिल हुए और उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए।
देशभर के 76 स्थानों पर हुए सामाजिक अधिकारिता शिविर
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने और उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने देशभर के 76 स्थानों पर ‘सामाजिक अधिकारिता शिविरों’ का आयोजन किया है।
इन राष्ट्रव्यापी शिविरों के माध्यम से 58 हजार से अधिक दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों को लगभग 68 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न श्रेणियों के सहायक उपकरण निःशुल्क प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत समाज के अंतिम छोर तक पहुंचे व्यक्ति तक कल्याणकारी सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
चांदनी चौक क्षेत्र के 458 दिव्यांगजनों को मिली सहायता
चांदनी चौक से सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र के 458 दिव्यांगजनों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से सहायक उपकरण प्रदान किए गए हैं।
उन्होंने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का हृदय से धन्यवाद किया और कहा कि इन उपकरणों से क्षेत्र के दिव्यांगजनों की दैनिक जिंदगी में निश्चित रूप से सुधार आएगा।
तारा संस्थान की ओर से निःशुल्क नेत्र जांच और चश्मा वितरण
कमेटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री सत्यभूषण जैन ने बताया कि शिविर में तारा संस्थान की ओर से नेत्र जांच की विशेष व्यवस्था की गई। आंखों से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों की निःशुल्क जांच कर उन्हें चश्मे वितरित किए गए। इसके अलावा मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन एवं आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था भी की गई, ताकि उन्हें समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
एलप्स संस्थान की ओर से श्रवण यंत्रों का वितरण
कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि एलप्स संस्थान की ओर से सुनने की क्षमता से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क श्रवण यंत्र (हियरिंग मशीन) वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्राईसाइकिल तथा अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए, जिससे उनकी आने-जाने और कामकाज में आसानी होगी।
सेवा के पथ पर अग्रणी रही है लव कुश रामलीला कमेटी
शिविर में पहुंचे लाभार्थियों ने इस पहल की दिल खोलकर सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें सिर्फ भौतिक सहायता ही नहीं मिलती, बल्कि समाज में सम्मान और आत्मविश्वास का अनुभव भी होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाने की पहल को इस तरह के शिविर नई ऊर्जा देते हैं।
कमेटी के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि आगे भी ऐसे सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सहजता से पहुंचे। आयोजन की सफलता में सभी सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका विशेष रही। यह आयोजन यह संदेश भी देता है कि विकसित और समावेशी भारत के निर्माण में दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित करना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है।

























