नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने लुटियंस दिल्ली सहित कनॉट प्लेस, जनपथ, हनुमान मंदिर, पालिका बाजार, रीगल, रिवोली और गुरुद्वारा बंगला साहिब जैसे व्यावसायिक एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अवैध रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है।
इस कदम का मकसद ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाना, फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण रोकना और जनता के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि शाम 6:30 बजे के बाद किसी भी रेहड़ी-पटरी को इन इलाकों में नहीं लगाया जाएगा। यदि कोई अवैध वेंडर इस समय सीमा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लुटियंस दिल्ली में अतिक्रमण विरोधी अभियान की शुरुआत
लुटियंस दिल्ली, जो कि भारत की सबसे प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक क्षेत्रों में से एक है, में अवैध वेंडिंग और अतिक्रमण की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। इस क्षेत्र की विशिष्टता और भीड़भाड़ को ध्यान में रखते हुए, NDMC ने विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।
अधिकारियों ने बताया कि शाम 6:30 बजे के बाद रेहड़ी-पटरी लगाने पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा। इस दौरान, क्षेत्रीय निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी अवैध वेंडर निर्धारित समय के बाद अपनी दुकानें नहीं लगाएं।
कनॉट प्लेस, जनपथ और आसपास के इलाकों में विशेष निगरानी
कनॉट प्लेस, जो कि दिल्ली का मुख्य वाणिज्यिक केंद्र है, में अवैध रेहड़ी-पटरी का अतिक्रमण बहुत ही आम समस्या रही है। इसी तरह, जनपथ, पालिका बाजार, रीगल, रिवोली, हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अवैध वेंडिंग को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इन इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।
अतिक्रमण और अवैध वेंडिंग के खिलाफ सख्त कदम
अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि अवैध रेहड़ी-पटरी लगाने वालों का सख्ती से सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए, वेंडर्स को अपने स्थलों पर फोटो सहित अपने तहबाजारी प्रमाण पत्र प्रदर्शित करने होंगे। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके स्टॉल, ठेले और सामान आवंटित क्षेत्र से बाहर नहीं फैलें। यदि कोई वेंडर इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके लाइसेंस को निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
प्रतिबंधित समय के बाद रेहड़ी-पटरी लगाने पर कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शाम 6:30 बजे के बाद किसी भी प्रकार की रेहड़ी-पटरी लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई वेंडर इस समय सीमा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को हटाने के लिए मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। यदि दोबारा अतिक्रमण किया जाता है, तो नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तिरपाल और संरचनाओं पर प्रतिबंध
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के रूप में तिरपाल, मोमजामा या किसी भी तरह के ढांचे लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी वेंडर ने पहले इन संरचनाओं का उपयोग किया है, तो उन्हें तुरंत हटाना होगा। इसके अलावा, अवैध वेंडर अपने सामान को किसी भी तरह के ढांचे या तिरपाल से ढक नहीं सकते हैं।

निरीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया
इस अभियान के तहत, अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से इन इलाकों का निरीक्षण करें। वे यह भी सुनिश्चित करें कि वेंडर अपने प्रमाण पत्र दिखाएं और निर्धारित शर्तों का पालन करें। इसके साथ ही, अवैध वेंडिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए गठित टीमों को सतर्क किया गया है।
NDMC ने जनता से भी अपील की है कि वे इस अभियान का समर्थन करें और अवैध वेंडिंग को रोकने में मदद करें। उन्होंने कहा है कि यह कदम न केवल ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए है, बल्कि जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।

























