दिल्ली के कंझावला थाना इलाके के मुबारकपुर डबास इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया है। यहां सड़क किनारे एक नवजात शिशु का शव मिला, लेकिन जिस चीज ने हालात को और भी भयावह बना दिया, वह यह कि शव का सिर मौके से गायब था। घटना की सूचना लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ मौके पर जुटने लगी।
स्थानीय लोगों ने देखा शव, तुरंत पुलिस को दी सूचना
मामले की जानकारी सबसे पहले तब सामने आई जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे पड़े शव को देखा। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद कोई बच्चा छोड़ दिया गया है, लेकिन नजदीक जाकर देखने पर जो नजारा सामने आया, उसने सबकी रूह कंपा दी। शव का सिर नहीं था। यह देखकर घबराए लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही कंझावला थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया। मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने वहां मौजूद संभावित सुरागों को जुटाया।
शिशु की उम्र बताई जा रही है दो से तीन महीने
पुलिस को प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृत शिशु की उम्र करीब दो से तीन महीने होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। शिशु की सटीक उम्र और मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगा। यह भी साफ नहीं है कि शिशु की हत्या उसके घर पर हुई और फिर शव वहां फेंका गया, या फिर मौके पर ही कोई बड़ी घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस इन दोनों ही पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया घटनास्थल का दौरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल, एडिशनल डीसीपी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पुलिस टीम को जांच के लिए जरूरी निर्देश दिए। डीसीपी ने बताया कि शिशु के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। जांच तेज कर दी गई है।

बलि दिए जाने की आशंका, लेकिन पुलिस ने नहीं दी पुष्टि
घटना के बाद इलाके में अटकलें तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह सिर रहित शव मिलना किसी तंत्र-मंत्र या बलि की घटना से जुड़ा हो सकता है। इस बात को लेकर इलाके में सनसनी का माहौल बना हुआ है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस तरह की किसी आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य आधार सामने नहीं आते, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। यानी फिलहाल बलि का दावा सिर्फ जांच का एक संभावित पहलू माना जा रहा है, आधारित तथ्य नहीं।
CCTV फुटेज की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुट गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि किसी कैमरे में उन वाहनों या व्यक्तियों की हलचल कैद हुई होगी, जो शव को वहां छोड़कर गए होंगे। इसके अलावा पुलिस आसपास के इलाकों में शिशु के सिर की तलाश भी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके साथ आखिर क्या हुआ।
























