फूलन देवी का नाम भारतीय इतिहास में संघर्ष, हिम्मत और बेबाकी की मिसाल की तरह दर्ज है। उनकी जिंदगी के एक अनकहे पहलू को परदे पर लेकर आई फिल्म ‘फूलन’ ने अब इंटरनेशनल स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है।
इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड से नवाजे जा चुके फिल्ममेकर रिची मेहता की इस हिंदी एक्शन-ड्रामा फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 51वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल यानी TIFF में हुआ। यहां फिल्म को दर्शकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और स्क्रीनिंग के आखिर में पूरा थिएटर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
दो हजार दर्शकों ने खड़े होकर बजाईं तालियां
‘फूलन’ को TIFF के प्रतिष्ठित स्पेशल प्रेजेंटेशन सेक्शन में जगह दी गई थी, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। फिल्म की स्क्रीनिंग टोरंटो के मशहूर प्रिंसेस ऑफ वेल्स थिएटर में हुई, जहां दो हजार से ज्यादा लोग पहुंचे।
कहानी की ताकत और किरदारों की गहराई ने दर्शकों को शुरू से आखिर तक बांधे रखा। फिल्म समाप्त होते ही लोग खड़े होकर लंबे समय तक तालियां बजाते रहे और यही स्टैंडिंग ओवेशन उस रात को और भी यादगार बना गया।
इस खास पल के दौरान फिल्म की पूरी कास्ट और क्रिएटिव टीम वहां मौजूद थी। लीड एक्ट्रेस स्नेहा कुमारी के अलावा अनुराग ठाकुर, आकाश दहिया और विक्रम प्रताप सिंह भी नजर आए। डायरेक्टर रिची मेहता और प्रोडक्शन से जुड़े अन्य सदस्य भी इस मौके पर शामिल हुए।
फिल्म की कहानी क्या है?
‘फूलन’ किसी आम बायोपिक की तरह फूलन देवी की पूरी जिंदगी को कवर नहीं करती। इसके बजाय फिल्म उनकी जिंदगी के सबसे नाजुक और अहम दौर पर केंद्रित है। कहानी उन 48 घंटों के इर्द-गिर्द घूमती है, जब फूलन देवी को पकड़ने के लिए उनके छोटे से गांव में करीब 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे।
यह फिल्म फूलन देवी की ऑटोबायोग्राफी ‘आई, फूलन देवी: द ऑटोबायोग्राफी ऑफ इंडियाज बैंडिट क्वीन’ पर आधारित है, जिसे एडिशन्स रॉबर्ट लाफोंट ने लिखा था। कहानी में उनके संघर्ष, मुश्किल हालात और अपने सम्मान की लड़ाई को ईमानदारी से दिखाया गया है।
रिची मेहता ने यूं बताई फिल्म बनाने की वजह
राइटर-डायरेक्टर और प्रोड्यूसर रिची मेहता ने फिल्म को लेकर अपने जज्बात जाहिर किए। उन्होंने कहा कि फूलन देवी की कहानी ऐसी कहानी है जिसे बिना किसी कंप्रोमाइज के बताया जाना चाहिए। उनके मुताबिक वे फूलन देवी की जिंदगी के एक बेहद खास दौर की तरफ खिंचे चले गए, जब दुनिया उनका नाम तक नहीं जानती थी और उन्हें एक मिसअंडरस्टूड लीजेंड की नजर से देखा जाता था। यही वजह थी कि उन्हें लगा कि उनकी कहानी को सही वक्त पर पर्दे पर लाया जाना चाहिए।
स्टैंडिंग ओवेशन मिलने पर खुशी जताते हुए रिची ने कहा कि इससे साफ समझ आता है कि फिल्म दर्शकों तक उसी अंदाज में पहुंची है, जैसा उनकी टीम चाहती थी। उनके अनुसार फिल्म मुश्किल हालात से टकराने, सम्मान की तलाश और अपनी आवाज बुलंद करने जैसे यूनिवर्सल मुद्दों को उठाती है, जिनसे किसी भी देश और संस्कृति के लोग अपने आप को जोड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि रिची मेहता इससे पहले ‘पोचर’ जैसे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी खूब चर्चा में रहे हैं। ‘फूलन’ के लिए उन्होंने अमेजन एमजीएम स्टूडियोज को एक ऐसे क्रिएटिव पार्टनर के तौर पर सराहा, जिसने उनकी कहानी पर भरोसा किया और इसे दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने का मौका दिया।
स्नेहा कुमारी ने जीते लोगों के दिल
फिल्म में फूलन देवी का किरदार स्नेहा कुमारी ने निभाया है और TIFF में उनकी परफॉर्मेंस की सबसे ज्यादा तारीफ हुई। प्रोड्यूसर शरीन मंत्री ने भी स्नेहा के काम को सराहा और कहा कि उन्होंने इस जटिल किरदार को बेहतरीन तरीके से जी डाला है।
स्नेहा के अलावा फिल्म में अनुराग ठाकुर, विक्रम प्रताप सिंह, आकाश दहिया, प्रतीक पचौरी और देव दत्त बुधोलिया अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
कब और कहां रिलीज होगी ‘फूलन’?
‘फूलन’ का निर्माण नमः पिक्चर्स ने किया है और इसमें अमेजन एमजीएम स्टूडियोज भी जुड़ा है। TIFF में वर्ल्ड प्रीमियर के बाद फिल्म को भारत समेत दुनिया के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में प्राइम वीडियो पर रिलीज किया जाएगा।
फिलहाल TIFF में मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया ने फिल्म की चर्चा को कई गुना बढ़ा दिया है। अब सबकी निगाहें प्राइम वीडियो पर उसकी रिलीज पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इंटरनेशनल दर्शकों का दिल जीतने वाली यह कहानी घरेलू दर्शकों के बीच भी कैसी स्वीकार्यता पाती है।


























