करमतरा इंजीनियरिंग लिमिटेड (Karamtara Engineering Limited) के शेयरों ने स्टॉक मार्केट में एंट्री करते ही निवेशकों के चेहरे खिला दिए हैं। गुरुवार, 17 सितंबर को देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों NSE और BSE पर कंपनी के शेयर ₹320 के भाव से सूचीबद्ध हुए।
यह लिस्टिंग कीमत उसके इश्यू प्राइस ₹254 प्रति शेयर से करीब 26% ऊपर रही। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि जो निवेशक इस IPO में शेयर पाने में कामयाब रहे, उन्हें सूचीकरण के पहले ही पल में ठोस लिस्टिंग गेन हाथ लग गया। मजबूत शुरुआत ने बाजार में शुरुआती निवेशकों की रुचि भी काफी बढ़ा दी है।

एक लॉट पर निवेशक को कितना मुनाफा हुआ?
अब समझते हैं कि IPO में एक लॉट पाने वाले निवेशक की कमाई कितनी रही। करमतरा इंजीनियरिंग के IPO में लॉट साइज 59 शेयर तय किया गया था। ऊपरी कीमत यानी ₹254 प्रति शेयर के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेशक की जेब से ₹14,986 खर्च हुए थे। अब ₹320 की लिस्टिंग कीमत पर इन्हीं 59 शेयरों की कुल वैल्यू बढ़कर लगभग ₹18,880 तक पहुंच गई। यानी सूचीकरण के वक्त ही एक लॉट पर निवेशक के हिस्से करीब ₹3,894 का फायदा आ गया।
हालांकि, यह गणित केवल लिस्टिंग भाव के आधार पर तैयार किया गया है। निवेशक के हाथ में असल में कितनी रकम आएगी, यह शेयर बेचने के समय के बाजार भाव के साथ-साथ ब्रोकरेज और अन्य शुल्कों पर भी निर्भर करेगा।
₹875 करोड़ के इश्यू का ढांचा ऐसा रहा
करमतरा इंजीनियरिंग लिमिटेड का IPO कुल ₹875 करोड़ का था। इसका बड़ा हिस्सा यानी ₹675 करोड़ फ्रेश इश्यू के जरिए जुटाया गया, जबकि बाकी ₹200 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत आया। OFS के दौरान कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह और राजीव सिंह ने अपनी हिस्सेदारी में से एक हिस्सा बिक्री के लिए रखा था।
कंपनी की योजना के मुताबिक, फ्रेश इश्यू से मिलने वाली पूंजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज और उधारी से जुड़े भुगतानों को कम करने के साथ-साथ सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। कंपनी ने उम्मीद जताई थी कि शेयर बाजार में लिस्टिंग से उसकी ब्रांड पहचान मजबूत होगी और ग्राहकों के बीच उसकी पहुंच भी बेहतर होगी।
62.63 गुना सब्सक्रिप्शन, संस्थागत निवेशकों का दबदबा
इस इश्यू को निवेशकों की तरफ से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। NSE के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, IPO कुल मिलाकर 62.63 गुना सब्सक्राइब हुआ। बात यह है कि IPO में उपलब्ध लगभग 25.41 करोड़ शेयरों के मुकाबले बोलियां करीब 1.59 अरब शेयरों तक पहुंच गईं, जो डिमांड की गहराई दर्शाता है।
कैटेगरी के लिहाज से Qualified Institutional Buyers यानी QIB वर्ग सबसे आगे रहा, जिसे 159.59 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। Non-Institutional Investors यानी NII हिस्से की सब्सक्रिप्शन 48.55 गुना दर्ज हुई, वहीं Retail Investors के हिस्से को 13.26 गुना बोलियां मिलीं। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि संस्थागत और बड़े निवेशकों का भरोसा कंपनी की कहानी पर काफी मजबूत था।
लिस्टिंग से पहले एंकर निवेशकों से जुटाए ₹262.50 करोड़
IPO लिस्टिंग से पहले कंपनी ने एंकर बुक के जरिए बड़े निवेशकों से ₹262.50 करोड़ उगाहे थे। इसमें HDFC म्यूचुअल फंड, मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, SBI लाइफ इंश्योरेंस और HDFC लाइफ इंश्योरेंस जैसे नामचीन संस्थागत निवेशक शामिल थे। एंकर निवेशकों की भागीदारी आमतौर पर बड़े निवेशकों के शुरुआती भरोसे का संकेत मानी जाती है।
करमतरा इंजीनियरिंग का कारोबार मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़े उत्पादों पर केंद्रित है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में ट्रांसमिशन लाइन टावर, विंड एनर्जी स्ट्रक्चर, स्ट्रक्चरल स्टील प्रोफाइल, सोलर स्ट्रक्चर, ट्रैकर कंपोनेंट्स और फास्टनर्स शामिल हैं। कंपनी के उत्पाद भारत के अलावा विदेशी बाजारों में भी निर्यात किए जाते हैं।

























