रसमलाई का नाम आते ही ज़ुबान पर उस केसर-इलायची वाली खुशबू और मलाईदार ठंडके का अहसास ताज़ा हो जाता है। लेकिन जब बात व्रत या उपवास की हो, तो मावा और छेने से बनी मिठाइयां खाने से ज़्यादातर लोग कतराते हैं।
अब इसका आसान हल आपके सामने है – साबूदाना रसमलाई! इस रेसिपी में छेने की जगह साबूदाने से नरम और गोल बॉल्स बनाई जाती हैं, जिन्हें केसर से सुनहरा हुआ गाढ़ा दूध में पकाया जाता है। स्वाद इतना शानदार होता है कि आपको फर्क ही महसूस नहीं होगा। साथ ही यह व्रत-उपवास, नवरात्रि, महाशिवरात्रि या जन्माष्टमी – हर अवसर के लिए परफेक्ट है।
साबूदाना रसमलाई क्यों है खास?
साबूदाना व्रत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली चीज़ है। यह ऊर्जा देता है, हल्का होता है और पचने में आसान है। इससे बना रसमलाई न सिर्फ फलाहारी रहता है, बल्कि दूध, केसर और मेवों के साथ इसका पोषण भी दुगना हो जाता है। घर पर बनाने पर इसमें कोई केमिकल या कृत्रिम सामग्री भी नहीं मिलती।
सामग्री की सूची
साबूदाना बॉल्स के लिए –
- 1 कप साबूदाना
- 2-3 बड़े चम्मच दूध
- 1-2 बड़े चम्मच पिसी चीनी
- 2 बड़े चम्मच मिल्क पाउडर
- 1 छोटा चम्मच घी
रबड़ी/दूध के लिए –

- 1 लीटर फुल क्रीम दूध
- 4-5 बड़े चम्मच चीनी
- 3-4 इलायची
- 8-10 केसर के धागे
- 8-10 बादाम
- 8-10 काजू
- 1 बड़ा चम्मच पिस्ता
बनाने की आसान विधि
स्टेप 1: साबूदाना भिगोएं
सबसे पहले व्रत वाले अच्छी क्वालिटी के साबूदाने को साफ बर्तन में निकाल लें। इतना पानी डालें कि वह साबूदाने के बराबर लेवल तक ही रहे – ज़्यादा पानी डालने से साबूदाना गिला-गिला हो जाता है। इसे 2 से 4 घंटे ढककर रख दें। जब साबूदाना अच्छी तरह फूल जाए और उंगली से दबाने पर आसानी से मैश होने लगे, तो समझिए वह तैयार है।
स्टेप 2: बॉल्स बनाएं
फूले हुए साबूदाने में पिसी चीनी और मिल्क पाउडर डालकर हाथों से दबाते हुए अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण बाइंद होने के लिए आवश्यकता अनुसार 2-3 चम्मच दूध मिलाएं। अब हथेलियों पर हल्का घी लगाएं और छोटे-छोटे गोल बॉल्स बनाकर उन्हें हल्का चपटा कर दें। ध्यान रखें कि बॉल्स का साइज़ छोटा रखें, क्योंकि दूध में पकने के बाद ये फूलकर बड़ी हो जाती हैं।
स्टेप 3: दूध की रबड़ी तैयार करें
भारी तले वाले कढ़ाई में फुल क्रीम दूध उबालें। उबाल आने पर आंच धीमी कर दें और समय-समय पर चम्मच चलाते रहें ताकि दूध जलेगा नहीं। जब दूध आधा-आधा गाढ़ा होने लगे, तब उसमें चीनी और कुटी हुई इलायची मिलाएं। अलग से केसर को हल्के गर्म दूध में भिगोकर डालें – इससे रंग सुनहरा और खुशबू शाही आती है।
स्टेप 4: बॉल्स को दूध में पकाएं
तैयार साबूदाना बॉल्स को धीरे-धीरे गरम दूध में डालें। आंच धीमी-मध्यम रखें और बॉल्स को 8 से 10 मिनट तक पकाएं। जब बॉल्स नरम हो जाएं और उनका रंग पारदर्शी (ट्रांसपेरेंट) दिखने लगे, तो समझ लीजिए कि वे अंदर से अच्छी तरह पक चुकी हैं।
स्टेप 5: मेवे डालें
अब कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता डालकर 2-3 मिनट और पकाएं। स्वाद चखकर ज़रूरत हो तो चीनी बढ़ा सकते हैं। गैस बंद करके इसे थोड़ा गाढ़ा होने दें।
स्टेप 6: ठंडा करके सर्व करें
रसमलाई को कमरे के तापमान तक ठंडा होने दें, फिर इसे 2-3 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। ठंडा होने पर इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। सर्व करते समय ऊपर से पिस्ता और केसर के धागे से सजा लें।
परफेक्ट रसमलाई के लिए ज़रूरी टिप्स
- हमेशा मोटा साबूदाना इस्तेमाल करें, इससे बॉल्स अच्छी बनती हैं।
- बॉल्स बांधने के लिए मिल्क पाउडर ज़रूर डालें, वरना दूध में बिखर सकती हैं।
- दूध को निरंतर चलाते रहें ताकि नीचे चिपके नहीं।
- अगर व्रत में चीनी नहीं लेनी, तो मिश्री का पाउडर इस्तेमाल करें।
- बॉल्स को ज़्यादा देर तक पकाएं नहीं, वरना वे टूट सकती हैं।
व्रत के दिनों में भी अब आपको मीठे से मना नहीं करना पड़ेगा। यह साबूदाना रसमलाई बनाने में आसान, खाने में शाही और सेहत के लिहाज़ से फलाहारी है। नवरात्रि में मेहमानों के सामने इसे परोसिए और तारीफें बटोरिए! रेसिपी ट्राई करने के बाद अपना अनुभव ज़रूर शेयर करें।

























