गुरुग्राम जिले में निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए अब अनिवार्य हो गया है कि सभी संस्थान बिना सरकारी पंजीकरण के संचालित नहीं हो सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था को लागू कर दिया है, जिसमें पुराने और नए दोनों कोचिंग संस्थानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
यह कदम छात्रों की सुरक्षा, फीस में पारदर्शिता और शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे जिले में कोचिंग सेंटरों का संचालन अधिक पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो सके।
हरियाणा प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट रूल्स
मौजूदा सरकारी अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा में निजी कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन अब ऑनलाइन माध्यम से होगा। इन नियमों को लागू करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, फीस में पारदर्शिता, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक और संस्थानों के मानकों का सुधार है। इस नई व्यवस्था के तहत, कोचिंग सेंटरों को अपने संचालन के लिए हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देना अनिवार्य है।
पंजीकरण प्रक्रिया और शुल्क
कोचिंग संस्थान का पंजीकरण कराने के लिए 10,000 रुपये की फीस निर्धारित की गई है, जो तीन साल तक मान्य रहेगा। आवेदन प्रक्रिया में, सक्षम प्राधिकारी 30 दिनों के भीतर दस्तावेजों की जांच करेगा। यदि किसी कारण से दस्तावेजों में कमी पाई जाती है, तो संबंधित संस्था को लिखित सूचना दी जाएगी और उन्हें 10 दिनों का समय दिया जाएगा कि वे आवश्यक संशोधन कर सकें। आवेदन खारिज करने से पहले, आवेदक को अपना पक्ष रखने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
रिकॉर्ड रखरखाव और रिपोर्टिंग
पंजीकृत कोचिंग संस्थान को अपने रिकॉर्ड को व्यवस्थित रूप से रखना होगा और इसे अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। साथ ही, हर साल जिला प्रशासन को आवश्यक रिपोर्ट भी देनी होगी, जिसमें छात्रों की संख्या, फीस की जानकारी और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विवरण शामिल होंगे। यह कदम छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिक्षा क्षेत्र में ट्रांसपेरेंसी लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नवीनीकरण और फीस
कोचिंग संस्थानों को तीन साल बाद अपना पंजीकरण नवीनीकरण कराना होगा। इसके लिए उन्हें प्रमाणपत्र समाप्त होने से कम से कम एक माह पहले ऑनलाइन आवेदन देना होगा। नवीनीकरण शुल्क पांच हजार रुपये है। आवेदन की जांच 10 दिनों में पूरी की जाएगी और यदि सभी मानकों का पालन किया जाता है, तो एक महीने के भीतर एक साल का नवीनीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा का स्तर
गुरुग्राम में इन नई नियमों के लागू होने के पीछे का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना है। दिल्ली में कोचिंग सेंटरों में हुए हादसों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इन नियमों में छात्रों की सुरक्षा के प्रावधान, फीस में पारदर्शिता, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक, और स्कूल के समय में कोचिंग न देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इससे न केवल छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।
युवाओं के लिए नई पहल
गुरुग्राम जिले में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए, गुरुवार को खंडस्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता जिले के विभिन्न स्कूलों में आयोजित की गई, जिसमें युवाओं को देश में बढ़ती बेरोजगारी और युवा वर्ग में उसके प्रभाव पर चर्चा करने का अवसर मिला। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गुरुग्राम की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं का पूर्ण विकास सुनिश्चित करना और उन्हें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूक बनाना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थी नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं और अपने भविष्य को संवारने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।


























