दिल्ली के लाजपत नगर से युवराज सिंह मनचंदा की हत्या का खुलासा

साउथ ईस्ट दिल्ली के लाजपत नगर थाना इलाके में हुए इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि युवराज सिंह मनचंदा, जो कि सरिता विहार का निवासी था, 6 सितंबर को अपनी बहन के साथ शॉपिंग के लिए लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट गया था। शाम करीब 4 बजे उसने अपनी बहन से मिलकर गुरुग्राम जाने की बात की थी।

दिल्ली में युवराज हत्या केस का खुलासा, आरोपी जेल भेजे गए

HIGHLIGHTS

  • युवराज की हत्या का राज खोलने वाले आरोपी गिरफ्तार
  • पुलिस ने दी बड़ी जानकारी, युवराज की हत्या का सच सामने आया
  • लापता युवक का शव गुरुग्राम में मिला, हत्या का खुलासा
  • युवराज की मौत का राज, उत्तराखंड से आरोपी गिरफ्तार

साउथ ईस्ट दिल्ली के लाजपत नगर थाना इलाके में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। 6 सितंबर को लापता हुए युवराज सिंह मनचंदा की हत्या का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड से उसकी पूर्व ऑफिस सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया है।

दोनों को साकेत कोर्ट में पेश कर पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस अब हत्या की वजह और वारदात का पूरा संदर्भ समझने की कोशिश कर रही है। यह मामला न केवल दिल्ली बल्कि गुरुग्राम के बशहापुर क्षेत्र में भी जुड़े शव की खोज से जुड़ा हुआ है, जिसने इस केस को और भी जटिल बना दिया है।

युवराज की हत्या का खुलासा: उत्तराखंड से गिरफ्तारी

साउथ ईस्ट दिल्ली के लाजपत नगर थाना इलाके में हुए इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि युवराज सिंह मनचंदा, जो कि सरिता विहार का निवासी था, 6 सितंबर को अपनी बहन के साथ शॉपिंग के लिए लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट गया था। शाम करीब 4 बजे उसने अपनी बहन से मिलकर गुरुग्राम जाने की बात की थी। उसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

11 सितंबर को उसकी बहन ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान पता चला कि युवराज ने अपनी पूर्व ऑफिस सहकर्मी अन्या वत्स से बात की थी। युवराज का मोबाइल बंद होने के कारण उसकी तलाश शुरू हुई, और पुलिस को उत्तराखंड में उसकी लोकेशन मिली। पुलिस टीम ने उत्तराखंड पहुंचकर अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने युवराज की हत्या करने और शव को गुरुग्राम के नाले में फेंकने की बात स्वीकार की।

गुरुग्राम में शव का खुलासा और हत्या का कारण

गुरुग्राम के बशहापुर थाना क्षेत्र में 10 सितंबर को एक नाले से एक अज्ञात शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान नहीं हो पाई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। वहीं, युवराज के परिवार ने 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

पुलिस ने बताया कि युवराज ने अपनी बहन से बातचीत के दौरान अपने ऑफिस से जुड़ी किसी बात का जिक्र किया था। उसकी मौत के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि युवराज की हत्या उसकी पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा ने की है। दोनों ने शव को गुरुग्राम में उनके घर के पास एक नाले में फेंक दिया था।

युवराज की मौत का सच: पुलिस की जांच जारी

पुलिस का मानना है कि अन्या वत्स और संयम सचदेवा ने युवराज की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है। दोनों से उनके मकसद और वारदात के पीछे के कारणों की पूरक पूछताछ की जा रही है। युवराज का परिवार गुरुग्राम में रहता है और वह एक कंपनी में कार्यरत था। उसकी हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुलिस उसकी मौत के पीछे की वजह जानने में जुटी हुई है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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