दिल्ली में अपराधियों की हिम्मत बढ़ती जा रही है। ताजा मामला शाहदरा जिले के कृष्णा नगर इलाके का है, जहां गांधी नगर निवासी एक कपड़ा व्यापारी से दिनदहाड़े 30 लाख रुपये से ज्यादा की लूट कर ली गई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए इस पूरी वारदात का खुलासा महज 8 घंटे के भीतर कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि एक आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
स्कूटी सवार बदमाशों ने टक्कर मारकर छीना बैग
पुलिस को प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीते दिन सुबह की है। गांधी नगर का कपड़ा व्यापारी अपनी दुकान जा रहा था और उसके पास बैग में करीब 30 लाख रुपये की नकदी थी। इसी दौरान स्कूटी पर सवार चार बदमाशों ने उसकी स्कूटी में जानबूझकर टक्कर मार दी। व्यापारी संतुलन खोकर गिर पड़ा और इसी बीच आरोपियों ने पैसों से भरा बैग उठाकर तेजी से फरार हो गए।
शुरुआती कार्रवाई में मामला झपटमारी (स्नैचिंग) के तहत दर्ज किया गया, लेकिन बाद में वारदात की गंभीरता को देखते हुए इसे लूट (रॉबरी) की धाराओं में बदल दिया गया।
डीसीपी ने बताया पूरा मामला, गठित हुई विशेष टीम
शाहदरा जिले के डीसीपी आर. पी. मीणा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसीपी गांधी नगर और एसएचओ कृष्णा नगर के निर्देशन में थाना कृष्णा नगर की एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने वारदात स्थल के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की छानबीन की और आरोपियों के वारदात के बाद के रूट का पता लगाया। साइबर सर्विलांस और तकनीकी सबूतों के आधार पर टीम ने महज 7 से 8 घंटे के भीतर ही पूरे केस का पर्दाफाश कर दिया।
मास्टरमाइंड निकला पीड़ित का पुराना कर्मचारी
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड दीपक नाम का युवक है, जो एक महीने पहले तक पीड़ित व्यापारी के यहां ही काम करता था। दीपक को व्यापारी के कारोबार की हर छोटी-बड़ी जानकारी थी। वह जानता था कि व्यापारी किस दिन, किस समय और किस रास्ते से नकदी लेकर दुकान पहुंचता है। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर यह बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, कुल पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें दो आरोपी ऐसे हैं जो बाल कल्याण कानून (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के दायरे में आते हैं। फरार चल रहे पांचवें आरोपी की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगी हुई हैं।
आरोपियों ने लूट के पैसों से मनाई थी मस्ती
पूछताछ में सामने आया कि लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने खुशी मनाने के लिए पार्टी तक की और करीब 80 से 90 हजार रुपये उड़ा दिए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूट की गई रकम में से करीब 25 लाख रुपये की बरामदगी की है। इसमें 19 लाख रुपये नकद शामिल हैं, जबकि बाकी रकम से आरोपियों ने नए मोबाइल फोन खरीदे थे, जिन्हें भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
इसके अलावा वारदात के समय इस्तेमाल की गई पिस्टल और स्कूटी भी आरोपियों के कब्जे से बरामद कर ली गई है।
लूट में इस्तेमाल स्कूटी भी थी चोरी की
जांच एजेंसी को एक और हैरान करने वाली बात सामने आई। जिस स्कूटी की मदद से बदमाश वारदात को अंजाम दे रहे थे, वह भी चोरी की हुई निकली। जांच में पता चला कि इस स्कूटी को 5 तारीख को शाहदरा इलाके से ही चुराया गया था। यानी आरोपी पहले से ही इस बड़ी वारदात की तैयारी में जुटे थे।
एक आरोपी पर पहले से दर्ज है आर्म्स एक्ट का मामला
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पुलिस रिकॉर्ड की छानबीन भी जारी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारियों में शामिल उमंग नाम के आरोपी पर मार्च 2024 में आर्म्स एक्ट के तहत मामला पहले से दर्ज है। आरोपियों से उनके अन्य साथियों और उनके द्वारा की गई पिछली वारदातों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस को मिली सफलता, लेकिन सवाल बना हुआ है
इस केस में दिल्ली पुलिस की तेज कार्रवाई की काफी तारीफ हो रही है, लेकिन दूसरी तरफ यह घटना भरोसे को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जिस कर्मचारी पर व्यापारी को भरोसा था, उसी ने ही उसकी आदतों और आवाजाही की जानकारी का इस्तेमाल करके उसे लूटने की साजिश रची। ऐसे में व्यापारियों के लिए अपने कर्मचारियों और कारोबारी गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है।
फिलहाल फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद है कि पुलिस लूट की पूरी रकम को भी बरामद करने में सफल हो जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।


























