राजस्थान युवा कांग्रेस के भीतर हुए आंतरिक चुनावों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों के लिए हुई इस चुनावी प्रक्रिया में रिकॉर्ड संख्या में मतदान तो हुआ, लेकिन मतगणना के दौरान जो तस्वीर सामने आई है।
उसने प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं दोनों को हिला कर रख दिया है। कुल मतों में से 13 लाख से अधिक वोट अवैध घोषित कर दिए गए हैं, वहीं पांच लाख से ज्यादा मत दस्तावेजों की कमी के चलते होल्ड पर पड़े हैं।
आंकड़ों में चुनाव: अधिकतर मत या तो खारिज या होल्ड
शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में युवक कांग्रेस के चुनाव आयुक्त सज्जाद तारिक ने इस पूरी चुनावी प्रक्रिया का हिसाब-किताब सार्वजनिक किया। उनके अनुसार इस बार युवा कांग्रेस चुनाव में कुल 32 लाख 64 हजार 980 मत पड़े, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। लेकिन इस रिकॉर्ड के पीछे छिपी सच्चाई हैरान करने वाली है।
मिली जानकारी के मुताबिक इनमें से केवल 13 लाख 66 हजार 458 मत ही वैध माने गए हैं। वहीं 13 लाख 84 हजार 739 मत अलग-अलग कारणों से खारिज कर दिए गए। इतना ही नहीं, 5 लाख 13 हजार 783 वोट ऐसे हैं जिन्हें वैलिड दस्तावेज न मिलने की वजह से फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। यानी कुल मतों का एक बड़ा हिस्सा अभी अटकी हुई है और परिणाम का इंतजार अब दस्तावेजों की जांच पर टिका है।
खारिज वोटों की संख्या वैध वोटों से ज्यादा
कांग्रेस के आंतरिक गलियारों में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा का विषय यही है कि जितने मत वैध पाए गए हैं, उससे कहीं ज्यादा मत रद्द हो चुके हैं। स्वीकृत और खारिज मतों के बीच का यह अंतर बताता है कि चुनावी नामावली और सदस्यता दस्तावेजों को लेकर तैयारी किस स्तर पर हुई। मतदान के बाद जब प्रत्याशी अपनी जीत-हार का हिसाब लगा रहे थे, तब यह आंकड़ा उनके लिए झटके से कम नहीं है।
कई प्रत्याशियों का कहना है कि उनके पक्ष में पड़े कई वोट अब इसलिए गिनने में नहीं आएंगे, क्योंकि संबंधित मतदाताओं के दस्तावेज पूरे नहीं पाए गए। ऐसे में सभी की नजर अब होल्ड किए गए पांच लाख से अधिक मतों पर टिकी है, जो परिणाम की दिशा पूरी तरह बदल सकते हैं।
13 से 19 सितंबर तक दस्तावेज जमा करने का आखिरी मौका
चुनाव आयुक्त सज्जाद तारिक ने बताया कि जिन मतों को होल्ड पर रखा गया है, उन्हें दुरुस्त करने के लिए प्रत्याशियों को एक बार फिर मौका दिया जा रहा है। 13 सितंबर से 19 सितंबर तक प्रत्याशी अपने समर्थकों के आवश्यक वैलिड दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। यह सात दिन की अवधि इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा मानी जा रही है।
इस बार दस्तावेज जमा कराने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रूप से होगी। युवा कांग्रेस के आधिकारिक डिजिटल ऐप के माध्यम से प्रत्याशी अपने मतदाताओं से जुड़े जरूरी कागजात अपलोड करा सकेंगे। चुनाव प्राधिकरण इन दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप उन्हें मान्यता देगा। यदि दस्तावेज सही और पूरे पाए जाते हैं, तो संबंधित मतों को वैध श्रेणी में जोड़ दिया जाएगा। वरना वे मत भी खारिज मतों की श्रेणी में चले जाएंगे।
चुनावी सफर: फरवरी में शुरुआत, अप्रैल-मई में मतदान
दरअसल, राजस्थान युवा कांग्रेस में अध्यक्ष पद सहित विभिन्न पदों के लिए यह चुनावी कवायद फरवरी 2026 में शुरू हुई थी। मार्च 2026 तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी हुई और इसके बाद 21 अप्रैल से 20 मई के बीच मतदान संपन्न कराया गया। लगभग एक महीने तक चले इस मतदान में युवा कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके चलते मतदान के आंकड़े रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे। लेकिन अब मतदान के बाद दस्तावेजों की अनियमितता ने पूरी प्रक्रिया को अटका दिया है।
क्यों अहम ? परिणाम तय करेंगे ये वोट
प्रत्याशियों के लिए 13 से 19 सितंबर के बीच का समय किसी परीक्षा से कम नहीं होगा। होल्ड पर पड़े पांच लाख 13 हजार से ज्यादा मतों का भविष्य इन्हीं सात दिनों में तय होगा। जो प्रत्याशी समय रहते अपने मतदाताओं के दस्तावेज ऐप के जरिए सही तरीके से जमा करा देंगे, उनकी मत संख्या में इजाफा हो सकता है। वहीं लापरवाही बरतने वालों को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है।
जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में होल्ड मतों के चलते अंतिम परिणाम की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। कोई भी प्रत्याशी अभी अपनी जीत या हार पक्का नहीं मान सकता, क्योंकि असली गणित दस्तावेजों की जांच के बाद ही सामने आएगा। संगठन के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक यह प्रक्रिया युवा कांग्रेस के नेतृत्व के भविष्य की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।


























