राजस्थान में नगर निकाय चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण का मतदान पूरे उत्साह के साथ जारी है। आज शाम 6 बजे तक चलने वाले इस मतदान में प्रदेश के प्रमुख नेताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चरण में 147 निकायों के 4,774 वार्डों में मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले, 9 सितंबर को पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ था, जिसमें 162 नगर निकायों के 5,393 वार्डों में वोटिंग हुई थी। मतगणना 14 सितंबर को होगी, और परिणामों का इंतजार है।
मुख्य नेताओं ने किया मतदान
राजस्थान के दिग्गज नेता और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के महामंदिर स्थित जैन स्कूल मतदान केंद्र पर अपने परिवार के साथ वोट डाला। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता गहलोत, पुत्र वैभव गहलोत और पुत्रवधू हिमांशी गहलोत भी मौजूद थीं। गहलोत ने मतदान के बाद मीडिया से कहा कि लोकतंत्र का यह महापर्व मजबूत होता रहे, यही हमारी प्रार्थना है।
उन्होंने कहा कि नगर निकाय, नगरपालिका, नगर परिषद, नगर निगम और पंचायत चुनाव लोकतंत्र को मजबूत करने का आधार हैं। गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस को इस चुनाव में भारी बहुमत से जीत मिलेगी, जबकि उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल में कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया है, जिससे जनता में आक्रोश है।
वहीं, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी आज जोधपुर में मतदान किया। उन्होंने अपनी पारिवारिक सदस्यताओं के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। शेखावत ने जनता से मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की और कहा कि मतदान हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाताओं को चाहिए कि वे अपने वोट डालते समय प्रत्याशी की योग्यता, उसकी विचारधारा और वर्तमान समय की प्रासंगिकता को समझें। शेखावत ने दावा किया कि इस बार जोधपुर में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ विजयी होगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निभाया लोकतंत्र का फर्ज
कोटा में लोकसभा अध्यक्ष और कोटा के सांसद ओम बिरला ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने शुक्रवार को वार्ड 83 स्थित स्प्रिंगडेल्स स्कूल में मतदान किया। बिरला ने अपने मत का प्रयोग करते हुए किसी विशेष व्यवस्था का सहारा नहीं लिया, बल्कि आम मतदाताओं के बीच कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया।
मतदान के बाद बिरला ने जनता से लोकतंत्र के इस उत्सव में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान हर नागरिक का अधिकार है और यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनिवार्य है। बिरला ने जनता से आग्रह किया कि अधिक से अधिक लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचें और अपने मताधिकार का सदुपयोग करें।
राजस्थान निकाय चुनाव का महत्त्व और जनता की भागीदारी
राजस्थान में निकाय चुनाव का यह चरण प्रदेश के विकास और सुशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थानीय निकायों का चुनाव सीधे जनता के जीवन से जुड़ा होता है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान और विकास कार्य तेजी से हो सके। इस चुनाव में नेताओं का सक्रिय भागीदारी और जनता का उत्साह दोनों ही लोकतंत्र के स्वस्थ और मजबूत होने का संकेत हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव का परिणाम प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
आगामी चुनावी परिणामों पर नजर
14 सितंबर को मतगणना की जाएगी, जिसके बाद प्रदेश में नई सरकार का स्वरूप स्पष्ट होगा। राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत के दावे किए हैं। कांग्रेस का दावा है कि जनता ने उन्हें भारी समर्थन दिया है, जबकि भाजपा का मानना है कि वह फिर से सत्ता में आएगी। इस चुनाव के परिणाम प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने में सहायक होंगे। जनता की भागीदारी और नेताओं का उत्साह इस बात का संकेत है कि राजस्थान में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं।


























