आज के दौर में लोग स्किनकेयर से लेकर मेकअप तक हर चीज में केमिकल-फ्री और नेचुरल विकल्पों की तरफ रुख कर रहे हैं। शॉपिंग मॉल की शीशियों में सजे महंगे प्रोडक्ट्स की जगह अब घर की रसोई और परंपराओं से जुड़े नुस्खे फिर से चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक नाम है — देसी सुरमा। दादी-नानी के जमाने में बाजार से काजल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती थी, क्योंकि घर की महिलाएं खुद ही दीये की कालिख से सुरमा तैयार कर लेती थीं। बच्चों की आंखों से लेकर बड़ों तक, हर घर में यह परंपरा सदियों तक चलती रही। आइए जानते हैं कि घर पर शुद्ध और देसी तरीके से सुरमा कैसे बनाया जा सकता है।
देसी सुरमा क्यों है आज भी खास?
बाजार में मिलने वाले कई काजल और सुरमे में केमिकल्स, प्रिजर्वेटिव्स और सिंथेटिक रंग मिले होते हैं। ऐसे में घर पर तैयार होने वाला सुरमा लोगों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन जाता है, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाली हर चीज आप खुद चुनते हैं। घी, तेल, बादाम और अजवाइन जैसी सादी चीजों से तैयार होने वाला यह सुरमा पीढ़ियों से आंखों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ ठंडक देने वाला भी माना जाता रहा है।
सुरमा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस पारंपरिक नुस्खे की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई महंगी सामग्री नहीं चाहिए। आपको चाहिए:
- एक छोटा मिट्टी या पीतल का दीया
- शुद्ध घी या साफ अरंडी का तेल
- कपड़े की मोटी बाती
- दो ईंटें या समान ऊंचाई का कोई मजबूत आधार
- एक मोटी और साफ धातु की प्लेट या थाली
- चाहें तो कुछ बादाम और अजवाइन
दीये वाली पारंपरिक विधि: स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
- सबसे पहले दीया तैयार करें — दीये में अच्छी क्वालिटी का अरंडी का तेल या शुद्ध घी डालें और उसमें बाती लगाकर जला दें। ध्यान रखें कि तेल या घी साफ और बिना मिलावट वाला हो, क्योंकि इसी से निकलने वाली कालिख सुरमे की क्वालिटी तय करती है।
- सेटअप बनाएं — दीये को दो ईंटों या बराबर ऊंचाई वाले किसी स्टैंड के बीच रखें। इसके ऊपर धातु की प्लेट इस अंदाज में रखें कि लौ का ऊपरी हिस्सा प्लेट के निचले सतह को छू सके। यही सतह है जहां कालिख जमा होगी।
- कालिख जमा होने दें — दीया जलते समय लौ से निकलने वाला धुआं प्लेट पर धीरे-धीरे काली परत के रूप में जमा होने लगेगा। पारंपरिक तरीके में इस प्रक्रिया को 40 से 50 मिनट तक चलने दिया जाता है। इस दौरान आसपास कोई ज्वलनशील चीज न रखें और सेटअप को हिलाएं नहीं।
- कालिख इकट्ठा करें — तय समय बाद दीया बुझा दें और प्लेट को पूरी तरह ठंडा होने दें। फिर साफ चम्मच या किसी साफ उपकरण से कालिख को धीरे-धीरे खुरचकर एक साफ कटोरी में निकाल लें।
- घी मिलाकर पेस्ट तैयार करें — इस कालिख में थोड़ी-सी शुद्ध घी मिलाकर लगातार घोंटते रहें, जब तक कि चिकना और गाढ़ा मिश्रण न बन जाए। अगर आपको सूखा सुरमा चाहिए, तो घी की मात्रा बेहद कम रखें। तैयार सुरमे को एक सूखे और एयरटाइट कंटेनर में संभालकर रख लें।
बादाम और अजवाइन से बनाएं खास सुरमा
कई घरों में सुरमे को और असरदार बनाने के लिए बादाम और अजवाइन का इस्तेमाल किया जाता है। इस विधि में बादाम या अजवाइन को दीये की लौ के ठीक ऊपर इस तरह रखा जाता है कि उनसे निकलने वाली कालिख प्लेट पर जमा हो जाए। मान्यता रही है कि बादाम से बना काजल आंखों को गहरा और चमकदार रंग देता है, वहीं अजवाइन को कुदरती ठंडक देने वाली माना जाता रहा है। शायद इसीलिए पुराने समय में दादी-नानी इसे सिर्फ मेकअप की चीज नहीं, बल्कि आंखों की देखभाल का हिस्सा मानती थीं।
सुरमे को स्टोर करने और लगाने के नियम
तैयार किए गए सुरमे को हमेशा साफ, सूखे और बंद डिब्बे में रखें। गीला चम्मच या उंगली डिब्बे में डालने से बचें, क्योंकि नमी से बैक्टीरिया पनप सकते हैं। लगाने के समय हाथ पहले अच्छे से धोएं और साफ एप्लीकेटर का इस्तेमाल करें। किसी और के साथ अपना सुरमा शेयर करने से परहेज करें, क्योंकि इससे आंखों का इन्फेक्शन एक से दूसरे तक फैल सकता है।
जरूरी सावधानी
आंखें शरीर का सबसे नाजुक हिस्सा हैं, इसलिए घर पर बनी किसी भी चीज को आंख के अंदर या वॉटरलाइन पर लगाने से पहले पूरी साफ-सफाई का ध्यान रखें। यह भी याद रखें कि सुरमे से ठंडक मिलने या आंखों की बीमारी ठीक होने जैसे दावों के पीछे कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसे कभी भी किसी आंख के इलाज या दवा की तरह इस्तेमाल न करें। अगर आंखों में एलर्जी, जलन या कोई पहले से समस्या है, तो नेत्र विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सही रहेगा।

























