राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 की चुनावी बिसात तैयार होते ही भारतीय जनता पार्टी ने अपना दांव खेल दिया है। पार्टी ने ‘नगरीय विकास संकल्प पत्र’ के माध्यम से प्रदेश के शहरों के समग्र विकास का विजन जनता के सामने रख दिया है। इस घोषणा पत्र का विमोचन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने संयुक्त रूप से किया। संकल्प पत्र में आगामी पांच वर्षों के लिए शहरी क्षेत्रों की सड़कों, शिक्षा, चिकित्सा व्यवस्था और पर्यावरण से जुड़े विकास कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
जाने संकल्प पत्र की बड़ी घोषणाएं
- शहरी क्षेत्रों में एक लाख आवासों का निर्माण
- 7 लाख घरों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराना
- नगरों में 2 हजार पिंक टॉयलेट बनाना
- 15 लाख स्ट्रीट लाइट लगाने की घोषणा
- 3 हजार किलोमीटर पुरानी सीवरेज लाइन की मरम्मत व विस्तार
- 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य
- ई-व्हीकल चार्जिंग पॉइंट और सोलर पैनल को बढ़ावा
‘हम जो कहते हैं, वह करते हैं’: मदन राठौड़
संकल्प पत्र विमोचन के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर जिस तरह देश की जनता भरोसा करती है, उसी प्रकार राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गारंटी पर प्रदेशवासियों का विश्वास मजबूत है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि अपनी बात पर खरी उतरती है और जो कहती है, वह करके दिखाती है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि पिछली सरकारों ने अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में जितना विकास किया, उससे कहीं अधिक काम भजनलाल शर्मा की सरकार महज दो साल में कर चुकी है।
सीवरेज से लेकर सफाई व्यवस्था तक रहेगा फोकस
नगरों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए संकल्प पत्र में कई ठोस प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इसके तहत 3 हजार किलोमीटर पुरानी सीवरेज लाइनों की मरम्मत और उनका विस्तार किया जाएगा। कचरा संग्रहण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जबकि शहरों में जमा पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए रोबोटिक सफाई मशीनों की सुविधा देने के साथ ही सफाईकर्मियों की नई भर्ती की जाएगी।
ऊर्जा और पर्यावरण को भी मिलेगा बढ़ावा
संकल्प पत्र के मुताबिक शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए ई-व्हीकल चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे और घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा पार्किंग स्थल, फूड कोर्ट और चौराहों के विकास के माध्यम से शहरों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्ट्रीट वेंडर से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सबको जोड़ा
संकल्प पत्र में शहरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले छोटे कामगारों को भी शामिल किया गया है। स्ट्रीट वेंडर, ऑटो और टैक्सी चालकों को प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत बीमा कवर देने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेवा केंद्र और निराश्रित पशुओं के लिए शेल्टर होम विकसित करने की घोषणा भी की गई है।
विधायक निधि में 28 करोड़ देने का सीएम ने किया दावा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार बनाने से पहले भाजपा ने जनता के बीच संकल्प पत्र रखा था और सत्ता में आने के बाद उन सभी संकल्पों को पूरा करने की दिशा में ईमानदारी से काम किया है। उन्होंने बताया कि विधायक निधि में पांच वर्ष में 25 करोड़ रुपए मिलते हैं, जबकि उनकी सरकार ने ढाई साल में ही विधायकों को 28 करोड़ रुपए उपलब्ध करा दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास की दिशा तय करने वाले विजन के साथ भाजपा यह संकल्प पत्र जनता के बीच लाई है।
‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ पर भी घेरा कांग्रेस को
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार पर चुनावों को लंबे समय तक खींचने और बार-बार आचार संहिता लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की दिशा में काम कर प्रदेश का पैसा और समय दोनों बचाए हैं।
भजनलाल शर्मा ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा था कि आपके ‘काका जी’ भी वन स्टेट वन इलेक्शन नहीं करवा सकते, लेकिन आज प्रदेश में वन स्टेट वन इलेक्शन संपन्न हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जिनका कहना था कि यमुना का पानी राजस्थान नहीं आ सकता, उनकी तुलना में हमारी सरकार ने यमुना जल समझौता करके दिखाया।
सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की नीति से कई निकायों को दो-दो कर दिया था, जबकि उनकी सरकार ने नियमों के तहत वार्डों का पुनर्गठन किया है।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद
संकल्प पत्र विमोचन कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, सांसद मंजू शर्मा, घनश्याम तिवाड़ी सहित घोषणा पत्र समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
निकाय चुनाव 2026 से पहले जारी यह संकल्प पत्र भाजपा की ओर से शहरी मतदाताओं को रिझाने की बड़ी रणनीति माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इन वादों के आधार पर प्रदेश की जनता किस दल पर भरोसा जताती है।

























