कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सैकड़ों समर्थक आज नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर एकजुट होकर जमकर हंगामा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद भड़की पार्टी एक प्रदर्शनकारी छात्रा के पिता को न्याय दिलाने की मांग पर अड़ गई है।
दरअसल, इस वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर यह दावा करते सुनाई दे रहा है कि उसने जंतर-मंतर पर हुए छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता से मारपीट की थी। इसी घटना को लेकर सीजेपी सड़क पर उतर आई है और दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?
कॉकरोच जनता पार्टी प्रवक्ता सौरव दास और पार्टी नेता आशुतोष रांका सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब खुद आरोपी हमले की बात कबूल कर चुका है, तो उसे अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
संजय कुमार आजाद कौन हैं?
इस पूरे मामले का केंद्र हैं संजय कुमार आजाद, जो प्रदर्शनकारी छात्रा नीशू के पिता हैं। बताया जा रहा है कि 23 जून को कथित एनईईटी (NEET) पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान संजय घायल हो गए थे। तब से परिवार न्याय की दरकार कर रहा है और अब इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी नेताओं ने पुलिस पर साधा निशाना
थाने के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान नीशू के पिता संजय के साथ मारपीट की गई थी। हम लगातार इस मामले में न्याय की मांग करते आ रहे हैं। दिल्ली में हालात ये हैं कि आरोपी खुलेआम अपना अपराध कबूल कर रहा है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने भाजपा के कहने पर कोई कार्रवाई नहीं की। हम नीशू और उनके पिता के साथ पूरी तरह खड़े हैं। हम पुलिस से हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करेंगे।”
चंद्रशेखर आजाद भी पहुंचे प्रदर्शन में शामिल होने
इस धरने को अब अन्य दलों का समर्थन भी मिलने लगा है। आजाद समाज पार्टी (ASP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद सीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होने संसद मार्ग थाने पहुंच गए हैं। उनके पहुंचते ही वहां हलचल बढ़ गई और प्रदर्शनकारियों की संख्या में इजाफा होता चला गया।
थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
नाजुक होते हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। संसद मार्ग थाने के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने से रोका जा सके। अधिकारी प्रदर्शनकारियों से लगातार संवाद बनाए रखकर स्थिति को काबू में रखने की कोशिश कर रहे हैं।
वायरल वीडियो से भड़का विवाद
यह पूरा घटनाक्रम स्वतंत्र भारद्वाज नाम के शख्स के वीडियो इंटरव्यू के वायरल होने के बाद सामने आया है। इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया कि उन्होंने संजय के साथ मारपीट की थी। उन्होंने यहां तक कहा कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा का फोन आने के बाद वे जेल जाने से बच गए। हालांकि, जरूरी है कि इन सभी दावों की अब तक किसी स्वतंत्र सूत्र से पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए इन्हें बिना जांच-पड़ताल के सच मान लेने से बचना चाहिए।
पुलिस ने ठुकराए राजनीतिक दखल के आरोप
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मामले में किसी भी तरह की राजनीतिक दखलअंदाजी के आरोपों को खारिज कर दिया है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि हाथापाई के दौरान कथित हमलावरों में से एक व्यक्ति द्वारा पहने गए कड़े से संजय के सिर में चोट लगी थी। पुलिस के मुताबिक, आरएमएल अस्पताल में जांच के बाद चोटों को ‘मामूली’ श्रेणी में रखा गया और संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने यह भी बताया कि घटनास्थल से दो लोगों — सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज — को हिरासत में लिया गया था। बाद में दोनों को कानूनी नोटिस जारी किए गए और उनसे लंबी पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि जांच अंतिम दौर में है और बहुत जल्द अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
वो मुद्दा जिसने पूरे देश को हिलाया
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 में पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में गुस्सा भड़काया था। लाखों छात्र और अभिभावक सड़कों पर उतर आए थे और दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर लंबे समय तक प्रदर्शन चलता रहा। इसी आंदोलन के दौरान 23 जून को हुई यह घटना अब एक नए विवाद का जरिया बन गई है।
फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। एक तरफ सीजेपी हत्या का केस दर्ज कराने की मांग पर अड़ी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस कह रही है कि कानूनी प्रक्रिया अपने रास्ते पर है। ऐसे में देखना होगा कि वायरल वीडियो के दावों की असलियत क्या निकलती है और संजय कुमार आजाद को न्याय कब मिलता है।


























