सीएम रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा ऐलान, अब प्याज हुआ सस्ता

केंद्र सरकार से बड़ा सहयोग मिला है। केंद्र ने दिल्ली के लिए 1000 मीट्रिक टन प्याज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस आपूर्ति को दिल्ली सरकार अपने उचित दर दुकानों के नेटवर्क के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाएगी। तय दर 35 रुपये प्रति किलो रखी गई है, जो अभी बाजार में चल रहे भाव से काफी कम है।

दिल्लीवासियों के लिए खुशखबरी, घर के पास मिलेगा सस्ता प्याज

HIGHLIGHTS

  • दिल्ली में सिर्फ 35 रुपये में मिलेगा प्याज, जानें कहां?
  • महंगे प्याज से मिली राहत, रेखा गुप्ता ने किया ऐलान
  • राशन दुकानों पर आधे दाम में बिकेगा प्याज, जल्दी करें
  • 60 रुपये का प्याज अब 35 में, जानें कैसे?

दिल्ली के रसोई बजट पर दबाव बना रहे महंगे प्याज को लेकर दिल्ली सरकार अब सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि शहर की उचित दर दुकानों यानी राशन दुकानों पर प्याज 35 रुपये प्रति किलो के किफायती दाम पर मिलेगा। इतना ही नहीं, सभी 13 जिलों में मोबाइल वैनों के जरिए भी लोगों तक सस्ता प्याज पहुंचाया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब खुदरा बाजार में प्याज 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है और आम परिवारों का महीने का खर्च बढ़ रहा है।

केंद्र सरकार से मिला 1000 मीट्रिक टन प्याज

इस पहल के लिए केंद्र सरकार से बड़ा सहयोग मिला है। केंद्र ने दिल्ली के लिए 1000 मीट्रिक टन प्याज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस आपूर्ति को दिल्ली सरकार अपने उचित दर दुकानों के नेटवर्क के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाएगी। तय दर 35 रुपये प्रति किलो रखी गई है, जो अभी बाजार में चल रहे भाव से काफी कम है। सरकार का मानना है कि इस कदम से महंगाई का असर घटेगा और रसोई की इस जरूरी चीज आम आदमी की पहुंच से बाहर नहीं जाएगी।

क्यों बढ़ गए प्याज के दाम?

पिछले कुछ सप्ताह से दिल्ली के सब्जी बाजारों में प्याज की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अभी खुदरा दरें 50 से 60 रुपये प्रति किलो के बीच चल रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह मॉनसून की भारी बारिश में उत्पादक क्षेत्रों की फसल को पहुंचा नुकसान बताया जा रहा है। फसल खराब होने से मंडियों में आपूर्ति घटी और ढुलाई-भंडारण की लागत भी बढ़ी, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ा। दिल्ली जैसे शहर की जरूरतों का बड़ा हिस्सा बाहरी राज्यों से पूरा होता है, इसलिए आपूर्ति में आई कोई भी कमी यहां की कीमतों पर तुरंत असर डालती है। ऐसे माहौल में सरकार का यह फैसला बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

13 जिलों में घूमेगी मोबाइल वैन, घर के पास मिलेगा सस्ता प्याज

सस्ते प्याज तक लोगों की पहुंच आसान बनाने के लिए दिल्ली के सभी 13 जिलों में एक-एक मोबाइल वैन तैनात की जाएगी। ये वैन अलग-अलग कॉलोनियों, मोहल्लों और बाजार क्षेत्रों में जाकर 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचेंगी। खासकर उन इलाकों में, जहां उचित दर दुकानों की संख्या कम है या लोगों को काफी दूर जाना पड़ता है, वहां इन वैनों के जरिए बिक्री कराने की योजना बनाई गई है। सरकार की मंशा है कि रूट तय करके वैनों को समय-समय पर अलग-अलग गलियों और क्षेत्रों में भेजा जाए, ताकि अधिक से अधिक दिल्लीवासी इस योजने का लाभ उठा सकें।

‘दिल्ली में प्याज का संकट नहीं आने देंगे’ — रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी सरकार राजधानी में प्याज की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि सरकार बाजार भाव और स्टॉक की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सीएम के मुताबिक, सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि किसी भी हालत में प्याज जैसी आवश्यक खाद्य वस्तु का संकट पैदा न होने पाए और लोगों को उचित दरों पर राहत मिलती रहे।

सीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दिल्ली सरकार आम नागरिकों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्याज की सस्ती और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है। केंद्र सरकार द्वारा 1000 मीट्रिक टन प्याज देने का निर्णय इस दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि जरूरी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बाधित न हो और कीमतें भी नियंत्रित रहें।

आम परिवारों को कितनी राहत मिलेगी?

बाजार में प्याज 50-60 रुपये किलो बिकने की स्थिति में 35 रुपये की सरकारी दर से हर किलो पर उपभोक्ता को काफी बचत होगी। एक औसत परिवार को महीने में कई किलो प्याज की जरूरत पड़ती है, ऐसे में यह घोषणा छोटे और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सीधा फायदेमंद साबित होगी। मोबाइल वैन की व्यवस्था से बुजुर्गों, गृहिणियों और कामकाजी लोगों को दुकान तक लंबा सफर तय करने की भी मजबूरी नहीं रहेगी।

दिल्ली सरकार ने संकेत दिए हैं कि बाजार में स्थिति की निगरानी जारी रखी जाएगी। आपूर्ति और दामों के आकलन के आधार पर आवश्यकता अनुसार आगे भी कदम उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों को उचित दर दुकानों और मोबाइल वैनों पर बिक्री की सही व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि घोषणा जमीन पर भी उतनी ही असरदार दिखे, जितनी कागज पर।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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