दिल्ली: गुड्डू बादशाह की हत्या का खुला राज, 8 आरोपी गिरफ्तार

दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी विनीत कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 28 जुलाई को पुल प्रहलादपुर स्थित लाल कुआं इलाके के चुंगी नंबर 3, हाउस D-29 के पास फायरिंग की सूचना पुलिस को मिली।

5 राज्यों में दिल्ली पुलिस का धमाका, 8 किलर धरे

HIGHLIGHTS

  • 28 जुलाई को पुल प्रहलादपुर के लाल कुआं इलाके में हुई थी गोलीबारी
  • गुड्डू बादशाह की मौके पर ही हो गई थी जान, फारुख घायल हुआ था
  • घायल फारुख ने पहले खुद को पीड़ित बताया, CDR जांच में खुली साजिश की परतें
  • समझौता बैठक के झांसे में लेकर बिहार से दिल्ली बुलाया गया था मृतक

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुल प्रहलादपुर इलाके में अपराध की दुनिया में दहशत फैलाने वाली घटना का पूरा खुलासा अब हो चुका है। मोहम्मद इरशाद आलम उर्फ गुड्डू बादशाह की गोली मारकर हत्या करने वाले पूरे गिरोह को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लगभग 12,000 किलोमीटर का लंबा सफर तय करते हुए पुलिस टीमों ने पांच राज्यों – दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना और तमिलनाडु में बड़ी अंतरराज्यीय कार्रवाई के बाद आठ आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक यह वारदात किसी तल्खी का नतीजा नहीं, बल्कि पहले से रची गई निर्मम साजिश और गैंगवार का अंजाम थी।

28 जुलाई की दोपहर को हुई थी ये घटना

दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी विनीत कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 28 जुलाई को पुल प्रहलादपुर स्थित लाल कुआं इलाके के चुंगी नंबर 3, हाउस D-29 के पास फायरिंग की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम की नजर मोहम्मद इरशाद आलम उर्फ गुड्डू बादशाह की खून में लथपथ लाश पर पड़ी, जिसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। वहीं उसके साथ मौजूद मोहम्मद फारुख के शरीर में भी गोली लगी थी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

घटनास्थल से बरामद हुए थे अहम सबूत

जांच टीम ने मौके की गहन छानबीन के दौरान खून से सने कई सबूत, खाली कारतूस, जिंदा कारतूस और धातु के बने प्रोजेक्टाइल बरामद किए। इन्हीं सुरागों ने आगे की तहकीकात की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई।

‘पीड़ित’ के भेस में छिपा था साजिशकर्ता

यहां से मामले में एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया। घायल हालत में मिला मोहम्मद फारुख शुरुआत में खुद को इस हमले का शिकार बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। लेकिन जांच अधिकारियों ने उसके बयानों को बारीकी से परखा। विस्तृत पूछताछ, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण और दूसरे सबूतों की तुलना में उसकी गवाही में कई गंभीर विसंगतियां पकड़ी गईं। तहकीकात में सामने आया कि फारुख दरअसल इस खूनी खेल की कथित साजिश में शामिल था। उसे घटना के दिन यानी 28 जुलाई को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

समझौते का झांसा देकर बुलाया, फिर बरसाई गईं गोलियां

जांच में खुला कि यह वारदात रातोंरात तय हुई दुश्मनी का नतीजा नहीं थी। मृतक गुड्डू बादशाह और आरोपी शमशाद व अशफाक के बीच बिहार के सुपौल स्थित उनके पैतृक इलाके से शुरू हुई पुरानी रंजिश ले चुकी थी विकराल रूप। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गुड्डू बादशाह को खत्म करने की पूरी योजना घड़ियों की तरह बनाई और लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने का बहाना बनाकर उसे बिहार से दिल्ली बुलाया। कथित समझौता बैठक का इस्तेमाल एक खतरनाक जाल के रूप में किया गया। भरोसे में लिए गए गुड्डू बादशाह को लाल कुआं स्थित एक किराए के मकान/गोदाम में ले जाया गया, जहां उस पर गोलियां चला दी गईं।

हर आरोपी को सौंपी गई थी अलग-अलग जिम्मेदारी

तहकीकात से यह भी उजागर हुआ कि यह अकेले किसी शख्स का हाथ नहीं था। पूरी साजिश में हर आरोपी को अलग-अलग किरदार निभाना था। किसी ने हमले की प्लानिंग की, किसी ने टीम के बीच तालमेल बिठाया। किसी ने आरोपियों के आने-जाने का इंतजाम संभाला, तो किसी ने रहने की व्यवस्था की। वहीं कुछ आरोपियों ने सीधे तौर पर हमला किया और वारदात के बाद सबूतों को छिपाने का काम किया।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now