दिल्ली पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों में वांछित चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों में दो वांछित आरोपी विशेष रूप से हत्या, हत्या के प्रयास और गोलीबारी के मामलों में शामिल थे, जबकि अन्य दो व्यक्तियों पर इन अपराधियों को पनाह देने और आर्थिक लेनदेन करने का आरोप है। इस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी पुलिस अधिकारियों ने रविवार को साझा की, जो अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड और गिरफ्तारी के पीछे की रणनीति को दर्शाती है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी और उनके परिचय
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से दो मुख्य वांछित अपराधी हरियाणा के जींद और चरखी दादरी जिले से हैं। इनकी पहचान 19 वर्षीय रमन उर्फ फौजी, जो जींद का निवासी है, और 22 वर्षीय करण, जो चरखी दादरी का रहने वाला है, के रूप में हुई है। दोनों का संबंध हिमांशु भाऊ गैंग से माना जाता है, जो विभिन्न संगठित अपराधों में संलिप्त रहा है। इनके अलावा, शेखर तिवारी (23) और विनोद तिवारी (30) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने इन अपराधियों को आश्रय देने और उनके लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराने का काम किया। ये दोनों भाई उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के जिखान गांव के रहने वाले हैं।
गिरफ्तारी का स्थान और प्रक्रिया
पुलिस की विशेष शाखा ने इन चारों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से धर दबोचा। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि इन अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था, जिसमें कई जगहों पर छापेमारी की गई। इस ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों ने बताया कि इन अपराधियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों की संख्या काफी अधिक है, जिसमें हत्या, गोलीबारी, गैंगस्टर एक्ट, और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं।
अपराधियों पर लगे आरोप और आपराधिक इतिहास
इन अपराधियों का इतिहास काफी घना और जटिल है। रमन और करण दोनों पर दिसंबर 2025 में दिल्ली के आया नगर में डेयरी व्यवसायी रतन की हत्या के प्रयास का आरोप है। उस दौरान इन दोनों ने करीब 70 से अधिक गोलियां चलाई थीं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे। इसके अतिरिक्त, यह दोनों द्वारका मोड़ पर अगस्त 2025 में मोहित डागर नामक व्यक्ति की हत्या के प्रयास में भी वांछित थे।
उन पर हरियाणा के रोहतक जिले में गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के प्रतिद्वंद्वी सन्नी रितोली की हत्या के प्रयास का भी आरोप है। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। मई 2025 में, इन दोनों ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के ककोड़ में गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के विरोधी जितेंद्र उर्फ जीतू पर गोलीबारी की थी।
अधिकारी ने बताया कि करण पर कई अन्य मामलों में भी आरोप हैं, जिनमें मई 2024 में हरियाणा के रेवाड़ी जिले के मोहल्ला कुतुबपुर में शेखर राव के घर पर गोलीबारी और दिसंबर 2024 में पलवल जिले के महेशपुर में गांव के सरपंच पर हमला शामिल है। इस हमले में कथित तौर पर स्वचालित कार्बाइन का इस्तेमाल किया गया था।
इनाम और गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि इन दोनों आरोपियों पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की पुलिस द्वारा इनाम भी घोषित किया गया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद इन पर लगे इनाम भी वापस ले लिए गए हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों भाइयों, शेखर और विनोद, पर आरोप है कि उन्होंने इन अपराधियों को आश्रय देना और उनके लिए वित्तीय लेनदेन करना सुनिश्चित किया। दोनों का संबंध उत्तर प्रदेश के मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र के जिखान गांव से है।
गिरफ्तारी के बाद इन आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी से अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने और उनके अपराधी क्रियाकलापों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। यह कार्रवाई गुप्त सूचना और विशेष जाँच के आधार पर की गई, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि इन अपराधियों को उनके आपराधिक कृत्यों से जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।


























