Earthquake News: चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटकों से क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, तीनों देशों में आए भूकंप की तीव्रता 4.1 से 4.9 के बीच दर्ज की गई। वहीं, चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार रात आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस हादसे में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचा है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में कब और कितनी तीव्रता के आए भूकंप?
NCS की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तीनों देशों में अलग-अलग समय पर भूकंप के झटके दर्ज किए गए। पाकिस्तान में सबसे अधिक 4.9 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि चीन और अफगानिस्तान में भी धरती हिली।
- पाकिस्तान: सुबह 4:56 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र 28.919 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 64.678 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई 15 किलोमीटर रही।
- अफगानिस्तान: सुबह 5:54 बजे 4.1 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र 35.138 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 69.442 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई 25 किलोमीटर दर्ज की गई।
- चीन: सुबह 6:05 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 32.542 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.835 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप की गहराई 15 किलोमीटर रही।
इन तीनों भूकंपों के बाद किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
तिब्बत में 7 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही
तीन देशों में आए सुबह के झटकों से पहले गुरुवार रात चीन के तिब्बत क्षेत्र में 7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके कारण नागकू शहर के आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम 339 घर और 20 पशु शेड ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।
भूकंप के बाद राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश करने, घायलों को चिकित्सा सहायता देने और क्षतिग्रस्त इमारतों का आकलन करने में जुटी हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है। घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग अपडेट सामने आए हैं और राहत कार्य के दौरान आंकड़ों में बदलाव संभव है।
1,600 से ज्यादा बचावकर्मी राहत अभियान में जुटे
नागकू के स्थानीय मीडिया कार्यालय के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में 1,600 से अधिक लोगों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। भूकंप से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड आवास और करीब 3,000 टेंट भेजे गए हैं।
इसके अलावा फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों की व्यवस्था भी की गई है। ऊंचाई वाले और दुर्गम इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाना बचाव टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
संचार व्यवस्था प्रभावित, हाईवे और रेल सेवाओं पर असर
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, भूकंप के कारण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में संचार सेवाएं बाधित हुई हैं। एहतियात के तौर पर स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
वहीं, चट्टानें खिसकने और मलबा गिरने के कारण नेशनल हाईवे 317 का एक हिस्सा बंद करना पड़ा है। फिलहाल इस मार्ग पर आपातकालीन वाहनों और राहत-बचाव कार्य में लगे वाहनों को ही जाने की अनुमति दी गई है। सड़क से मलबा हटाने का काम जारी है।



























