दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहां रिश्ते की दीवार पर टिकी भरोसे की उम्मीदें एक ही दिन में बिखर गईं। रोहिणी साउथ थाना क्षेत्र के सेक्टर-3 में रहने वाले 60 वर्षीय राकेश खन्ना की संदिग्ध मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुछ ही घंटों में मामले की परतें खोल दीं और खुलासा हैरान करने वाला निकला — वारदात में मृतक की सगी भांजी शामिल है। आरोप है कि 24 वर्षीय भांजी ने अपने दो साथियों के संग मिलकर मामा की बेरहमी से हत्या कर दी और घर से नकदी समेत मोबाइल फोन लेकर फरार हो गई।
घर बिखरा मिला, तो उठी हत्या की आशंका
राकेश खन्ना अपनी पत्नी के साथ रोहिणी सेक्टर-3 स्थित अपने निवास पर रहते थे। वारदात के दिन पत्नी किसी काम से बाजार गई हुई थीं और घर पर राकेश पूरी तरह अकेले थे। जब परिजन लौटकर घर पहुंचे, तो सामने का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। कमरे का सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था और घर में उधेड़बुन के साफ निशान थे। इसके बाद हुई तलाशी में जब राकेश का मोबाइल फोन और घर में रखी कुछ रकम गायब मिली, तो परिजनों ने आशंका जताई कि लूटपाट के दौरान बुजुर्ग की हत्या की गई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए जांच शुरू कर दी।
शुरुआत में ‘संदिग्ध मौत’ माना गया मामला
पुलिस के सामने शुरुआत में दो बड़ी चुनौतियां थीं। पहली यह कि मृतक के शव पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले थे, जिस वजह से मामले को संदिग्ध मौत की श्रेणी में रखा गया। दूसरी यह कि राकेश खन्ना शेयर बाजार में भी निवेश करते थे, इसलिए जांच एजेंसी को यह भी देखना था कि कहीं निवेश या आर्थिक तनाव से जुड़ा कोई पहलू तो नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की गई।
सीसीटीवी और पूछताछ ने खोली गुत्थी
जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा। सबूतों से साफ हुआ कि घर में एंट्री किसी अजनबी की तरह तोड़-फोड़ कर नहीं, बल्कि किसी परिचित व्यक्ति की तरह आसानी से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मृतक के करीबियों और जानकारों से सघन पूछताछ शुरू की। पूछताछ और तकनीकी सबूतों के आपस में टकराने के बाद पूरी घटना ऐसे उजागर हुई, जिसकी कल्पना भी परिवार ने नहीं की होगी। शक की सूई सीधे मृतक की सगी भांजी पर गई।
डीसीपी ने दी जानकारी, तीन आरोपी गिरफ्तार
रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल के अनुसार, पुलिस ने हत्या और लूटपाट का मामला दर्ज करते हुए मृतक की 24 वर्षीय सगी भांजी को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया है। उसके साथ वारदात में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने कथित तौर पर लूटपाट के इरादे से यह वारदात अंजाम दी। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लूटी गई रकम भी उनके कब्जे से बरामद कर ली गई है।
रिश्तों के खून से इलाके में शोक और सवाल
मामले का खुलासा होते ही सेक्टर-3 समेत पूरे इलाके में हैरत का माहौल है। यह वही पड़ोस है, जहां राकेश खन्ना दशकों से रह रहे थे और पड़ोसियों के बीच सौम्य स्वभाव के व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस मजबूरी या मंशा ने एक भांजी को अपने ही मामा के खिलाफ खड़ा कर दिया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वारदात की योजना कब और कैसे बनी, भांजी और उसके साथियों के बीच संपर्क किस तरह हुआ और क्या यह पहली बार था जब लूट की कोशिश हुई।
आगे की जांच किस दिशा में?
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि राकेश खन्ना की मौत किस तरीके से हुई और हत्या कैसे अंजाम दी गई, इसका स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सबूत जुटाए जा रहे हैं, ताकि अदालत में पकड़ा गया कोई कमजोर पहलू न बचे। अगर जांच में और लोगों के शामिल होने का सुराग मिलता है, तो गिरफ्तारियां और बढ़ सकती हैं।
यह घटना एक बार फिर उस बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है, जहां बुजुर्ग अकेले घर में रहने के दौरान परिचित लोगों के भरोसे की वजह से सबसे ज्यादा निशाना बनते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घर की सुरक्षा में सतर्कता बरतनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दी जानी चाहिए। मामले की आगे की कार्रवाई और आरोपियों की न्यायिक हिरासत पर अगले चरण में कोर्ट में पेशी के दौरान फैसला होगा।


























