अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी को लेकर इजराइल ने गिरफ्तारी की मांग उठाई है, जो विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के न्यूयॉर्क दौरे से पहले ममदानी ने इस बात का संकेत दिया कि वह नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की संभावना को लेकर जांच कर रहे हैं। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति, मानवाधिकार, और अमेरिका-इजराइल संबंधों को नया मोड़ दे दिया है।
न्यूयॉर्क में मेयर ममदानी की भूमिका और विवाद की शुरुआत
जुलाई महीने में शुरुआत होने वाले इस विवाद का केंद्र बिंदु न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी की वह टिप्पणी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे जांच कर रहे हैं कि क्या न्यूयॉर्क अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा दोषी पाए गए नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लागू किया जा सकता है। ममदानी का यह बयान उस समय चर्चा में आया जब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू न्यूयॉर्क में UN महासभा को संबोधित करने आए थे।
ममदानी का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और अमेरिकी संविधान की सीमाओं के भीतर था या नहीं, इस पर बहस जारी रही। शुरुआत में, उन्होंने माना था कि शहर के पास किसी विदेशी नेता को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है, लेकिन इस बात ने विवाद को जन्म दिया कि क्या न्यूयॉर्क ICC के जूरी में दोषी पाए गए नेताओं को गिरफ्तार करने का अधिकार रखता है।
इजराइल की प्रतिक्रिया और गिरफ्तारी की मांग
इजराइल ने इस विवाद पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने ममदानी पर आरोप लगाया कि वह भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं और शहर के नागरिकों को नेतन्याहू के विरोध के लिए उकसा रहे हैं। इजरायली सरकार ने सीधे तौर पर ममदानी को गिरफ्तार करने की मांग की है। डैनी डैनन ने कहा कि ममदानी का कार्य लोगों को भड़काना है और वह अमेरिका के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, डैनी डैनन ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि यदि किसी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, तो वह खुद मेयर ममदानी हैं क्योंकि वह लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममदानी ने जुलाई में अपने अंतरराष्ट्रीय मामलों के आयुक्त को ईरान के राजदूत से मुलाकात के लिए भेजा था, जो कि एक विवादास्पद कदम था।
ममदानी की प्रतिक्रिया और उनका पक्ष
इसके जवाब में, मेयर जोहरान ममदानी ने कहा कि वह नेतन्याहू के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के पक्ष में नहीं हैं और उन्होंने कभी भी शहर के नागरिकों को उकसाने का कार्य नहीं किया है। उनका तर्क है कि न्यूयॉर्क में संविधान के तहत लोगों को विरोध करने का अधिकार है, और उनका ध्यान सिर्फ शहर की सुरक्षा और शांति बनाए रखने पर है।
ममदानी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी ऐसी किसी भी कार्रवाई का समर्थन नहीं किया है जो शहर के कानून और संविधान के खिलाफ हो। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य विरोध प्रदर्शन करना नहीं बल्कि शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है।
विवाद का ऐतिहासिक संदर्भ और कानूनी जटिलताएँ
यह विवाद जुलाई में तब शुरू हुआ जब न्यूयॉर्क में UN महासभा की बैठक के दौरान नेतन्याहू के दौरे की खबरें आईं। ममदानी का बयान तब चर्चा में आया कि वह जांच कर रहे हैं कि क्या वह नेतन्याहू को गिरफ्तार कर सकते हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने माना कि शहर के पास विदेशी नेताओं को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। फिर भी, इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी और राजनैतिक विवाद को जन्म दिया है।
अंतरराष्ट्रीय कानून में, ICC का अधिकार है कि वह उन नेताओं और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर सके जो मानवाधिकार उल्लंघनों या युद्ध अपराधों में संलिप्त पाए जाएं। लेकिन, अमेरिका और न्यूयॉर्क के कानून इस तरह की गिरफ्तारी के लिए स्पष्ट सीमा निर्धारित करते हैं।


























