रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका का नए प्रतिबंध बिल

डेमोक्रेट सांसद स्टेनी होयर ने इस बिल में संशोधन प्रस्तावित किया था, जिसमें भारत सहित 10 देशों का नाम प्रतिबंधित लिस्ट में शामिल करने का प्रावधान है। इन देशों में चीन, भारत, तुर्किए, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक गणराज्य, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक शामिल हैं।

भारत समेत 10 देशों पर लग सकता है 100% टैरिफ: आज अमेरिका हाउस में वोटिंग

HIGHLIGHTS

  • अमेरिका का नया बिल: भारत सहित 10 देशों पर टैरिफ का खतरा
  • अमेरिका का बड़ा कदम: भारत पर 100% टैरिफ लग सकता है
  • हाउस वोटिंग से पहले भारत को बड़ा झटका मिलने का डर
  • भारत समेत 10 देशों पर भारी टैरिफ लगाने की तैयारी

अमेरिका में एक महत्वपूर्ण बिल पर आज मतदान होने जा रहा है, जो भारत समेत कई देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का संकेत दे रहा है। यह बिल, जिसका नाम लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट (Lindsey O Graham Sanctioning Russia and Iran Act) है, रूस और उसके समर्थक देशों के खिलाफ नई आर्थिक प्रतिबंधों का प्रस्ताव करता है।

यदि यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हो जाता है, तो अमेरिका के राष्ट्रपति को इन देशों पर भारी मात्रा में टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा। इसका प्रभाव संभावित रूप से भारत, चीन, तुर्किए, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक गणराज्य, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक जैसे देशों पर पड़ेगा।

यह बिल पहले ही अमेरिकी सीनेट में 86-11 के भारी समर्थन के साथ पारित हो चुका है। अब यह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में मतदान के लिए रखा गया है, जहां इसे पास होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो अमेरिका रूसी तेल और ऊर्जा संसाधनों पर 100% टैरिफ लगा सकता है, जिससे इन देशों की अमेरिकी बाजार में तेल की बिक्री प्रभावित होगी। खास बात यह है कि 3 नवंबर को मध्यावधि चुनावों के बीच यह बिल चर्चा में है, और सदन के पास मात्र 4 दिन का समय है ताकि यह बिल मंजूरी पा सके।

बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस बिल के माध्यम से अमेरिका रूस और उसके समर्थक देशों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाना चाहता है। इसमें रूस की ऊर्जा सेक्टर, विशेषकर तेल और गैस की आपूर्ति को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा, उन जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है, जो रूस के तेल की सप्लाई को फिर से शुरू करने के लिए गुप्त बेड़े का इस्तेमाल करते हैं।

इन जहाजों को शैडो फ्लीट कहा जाता है, जो रूस द्वारा तेल की बिक्री को छुपाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। अमेरिका का दावा है कि रूस इन तेल से फंड जुटाकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, इसलिए इन प्रतिबंधों का मकसद रूस की आर्थिक ताकत को कमजोर करना है।

किन देशों पर लगेगा टैरिफ?

डेमोक्रेट सांसद स्टेनी होयर ने इस बिल में संशोधन प्रस्तावित किया था, जिसमें भारत सहित 10 देशों का नाम प्रतिबंधित लिस्ट में शामिल करने का प्रावधान है। इन देशों में चीन, भारत, तुर्किए, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक गणराज्य, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक शामिल हैं।

यदि यह बिल पास हो जाता है, तो इन देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। इससे इन देशों से आने वाले तेल और ऊर्जा संसाधनों की कीमतें बढ़ सकती हैं, और अमेरिकी बाजार में इन देशों की हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है।

अमेरिका का पिछला रुख और भारत पर प्रभाव

पिछले वर्ष भी अमेरिका ने रूसी तेल पर टैरिफ लगाकर भारत को निशाने पर लिया था। उस समय भारत पर 25-25 प्रतिशत के टैरिफ लगाए गए, जिनका कुल मिलाकर 50 प्रतिशत हो गया। इस कदम का मकसद अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा और रूस पर आर्थिक दबाव बनाना था।
अब नए बिल में अधिक कठोर कदम उठाने का संकेत है, जिसमें 100 प्रतिशत टैरिफ भी शामिल हो सकता है। इससे भारत जैसे तेल आयातकों की लागत बढ़ेगी, और ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ेगा।

अमेरिका में ऊर्जा और प्रतिबंध नीति

अमेरिका की ऊर्जा नीति में सदैव से ही ऊर्जा सुरक्षा का अहम स्थान रहा है। इस बिल का मकसद रूस के ऊर्जा संसाधनों पर प्रतिबंध लगाकर उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिका का दावा है कि रूस की तेल बिक्री से फंड जुटाकर वह यूक्रेन में युद्ध लड़ रहा है। रूस पर लगाए गए इन प्रतिबंधों से अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को भी प्रभावित किया जाएगा, जो रूस से तेल खरीदते थे।

कुल मिलाकर, यह बिल अमेरिका की कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें रूस पर आर्थिक दबाव बनाने के साथ ही, चीन और अन्य देशों को भी चेतावनी दी गई है कि वे भी रूस के समर्थन में न आएं। यदि यह बिल पास हो जाता है, तो भारत सहित कई देशों को बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि उनके ऊर्जा आयात पर भारी टैरिफ लगने की संभावनाएं हैं।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now