गाजियाबाद में बिना PUC वाले 26 हजार वाहनों पर बड़ी कार्रवाई

गाजियाबाद जिले में निजी और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 10 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से लगभग 26,000 वाहन ऐसे हैं, जिनके पास वैध प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र मौजूद नहीं है।

गाजियाबाद: बिना PUC गाड़ी चलाई तो पेट्रोल पंप से लौटेंगे खाली

HIGHLIGHTS

  • सावधान! वैध PUC नहीं तो पेट्रोल पंप पर नहीं मिलेगा ईंधन
  • गाजियाबाद में बड़ा आदेश: PUC बिना वाहन चालकों को नहीं मिलेगा पेट्रोल
  • 1 अक्टूबर से बिना PUC गाजियाबाद में पेट्रोल-डीजल मिलना बंद
  • PUC नहीं तो पेट्रोल नहीं: गाजियाबाद प्रशासन का कड़ा फैसला

बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन अब कड़े कदम उठाने जा रहा है। प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र यानी पीयूसी (PUC) को लेकर गाजियाबाद में एक बड़ी पहल की तैयारी पूरी हो चुकी है।

अब 1 अक्टूबर से जिले में उन सभी वाहनों को पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से मना कर दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र नहीं होगा। इस फैसले के बाद बिना PUC के सड़कों पर चल रहे हजारों वाहनों के मालिकों की चिंता बढ़ गई है।

जिले में 26 हजार से ज्यादा वाहनों का PUC अवैध

गाजियाबाद जिले में निजी और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 10 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से लगभग 26,000 वाहन ऐसे हैं, जिनके पास वैध प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र मौजूद नहीं है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इनमें से करीब 6 हजार चार पहिया वाहन शामिल हैं, जबकि लगभग 20 हजार दो पहिया वाहन हैं। यानी सबसे ज्यादा लापरवाही बाइक और स्कूटी चलाने वालों की सामने आई है।

पेट्रोल पंपों पर होगी वाहनों की जांच

जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि 1 अक्टूबर से जिले के सभी 129 पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने आए वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र जांचा जाएगा। पंप पर तैनात कर्मचारी वाहन का पंजीकरण नंबर ऐप पर डालकर तुरंत पता लगा सकेंगे कि उस वाहन का PUC वैध है या नहीं। यदि वाहन का प्रमाण पत्र वैध नहीं पाया जाता है, तो उसे पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से साफ इनकार कर दिया जाएगा।

ऐप के जरिए होगी ऑनलाइन जांच

नई व्यवस्था को सहज बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने एक विशेष मोबाइल ऐप्लिकेशन तैयार कराई है, जिसके माध्यम से पेट्रोल पंप कर्मचारी सेकंडों में वाहन की PUC स्थिति की जांच कर पाएंगे।

बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों को इस ऐप को डाउनलोड करवाया गया है और ट्रायल बेसिस पर इसका परीक्षण भी कराया जा चुका है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान कर्मचारियों को बताया गया कि किस तरह वाहन नंबर डालकर डेटाबेस से जुड़ी जानकारी निकाली जा सकती है।

पंप संचालकों पर भी रहेगी नजर

सिर्फ वाहन मालिकों ही नहीं, पेट्रोल पंप संचालकों पर भी विभाग की कड़ी नजर रहेगी। विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि यदि कोई पेट्रोल पंप जांच प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए बिना वैध PUC वाले वाहन को ईंधन उपलब्ध कराता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग की टीमें आकस्मिक निरीक्षण भी कर सकती हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी पंप निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

क्यों जरूरी है PUC प्रमाण पत्र?

PUC प्रमाण पत्र एक ऐसा दस्तावेज है, जो यह सर्टिफाई करता है कि वाहन से निकलने वाला धुआं निर्धारित प्रदूषण मानकों के अनुरूप है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत हर वाहन के लिए वैध PUC रखना अनिवार्य है। प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि सड़कों पर चलने वाले पुराने और खराब इंजन वाले वाहन वायु में जहरीले कण छोड़ते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

विभाग का उद्देश्य सजा नहीं, जागरूकता

पूर्ति विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का मकसद वाहन मालिकों पर सख्ती करना नहीं, बल्कि उन्हें समय रहते प्रदूषण जांच कराने के लिए प्रेरित करना है। अधिकारियों का मानना है कि जब वाहन मालिकों को पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने में दिक्कत आएगी, तो वे अपने वाहन की प्रदूषण जांच तुरंत करवाएंगे। इससे न केवल वायु प्रदूषण नियंत्रित होगा, बल्कि सड़कों पर बिना प्रमाण पत्र के दौड़ रहे वाहनों की संख्या में भी कमी आएगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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