Gurugram News:गुरुग्राम शहर एक बार फिर सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं के चलते चर्चा में आ गया है। शहर में हाल ही में एक महिला बाइकर के साथ हुए हिट एंड रन कांड का मामला अभी ठंडे बस्ते में नहीं पहुंचा था कि गुरुवार को द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास रफ्तार का कहर फिर बरपा। इस भीषण सड़क हादसे में चार मजदूर तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गए, जिसमें दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
जाने कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास ग्रीन बेल्ट के नजदीक काम कर रहे मजदूरों के साथ हुआ। दिल्ली की ओर से एक कार तेज रफ्तार में आ रही थी।
अचानक कार अनियंत्रित होकर सीधे ग्रीन बेल्ट के पास खड़े चार मजदूरों की ओर जा घुसी और उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि दो मजदूरों को इलाज के लिए भी अस्पताल नहीं ले जाया जा सका और वे मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद मौके पर मची अफरा-तफरी के बीच घायल मजदूरों और कार चालक को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो मजदूरों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं कार चालक की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
कौन हैं मृतक और घायल?
बता दें कि मृतकों की पहचान बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी बिजेंद्र और पप्पू सिंह के रूप में हुई है। दोनों ही रोजगार की तलाश में गुरुग्राम आए हुए थे और एक्सप्रेसवे पर चल रहे निर्माण कार्य में मजदूरी कर अपने परिवारों का गुजारा चलाते थे। दोनों के निधन से उनके परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
वहीं घायल मजदूरों की पहचान सतीश चंद और राम कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें एक्सपर्ट टीम की निगरानी में रखा गया है।
कार चालक 20 साल का युवा छात्र
हादसे में घायल कार चालक की पहचान 20 वर्षीय वेदान खन्ना के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, वेदान दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है और गुरुग्राम के सेक्टर 110 स्थित इंडिया बुल्स एगिमा में रहता है। हादसे में वह भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
उसे प्राथमिक उपचार के बाद फोर्टिस अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि उसके बयान दर्ज करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।
काम के दौरान नहीं थी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस हादसे की जांच में एक बड़ी चूक भी सामने आई है। शुरुआती जांच के अनुसार, व्यस्त एक्सप्रेसवे पर जहां मजदूर काम कर रहे थे, वहां न तो सुरक्षा बैरिकेडिंग का कोई पुख्ता इंतजाम था और न ही वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।
न सुरक्षा घेरा था और न ही रात में वाहनों को आगाह करने के लिए रिफ्लेक्टिव साइनेज या बत्तियां। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस हादसे की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ कार चालक की है, या निर्माण एजेंसी की भी लापरवाही इस घटना के लिए जिम्मेदार है? अधिकारियों द्वारा इस दिशा में भी जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कार की गति का अनुमान तकनीकी जांच से लगाया जाएगा और तय किया जाएगा कि कार अनियंत्रित क्यों हुई। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घायलों के बयानों के आधार पर की जाएगी।
एक्सप्रेसवे बन रहा हादसों का ठिकाना?
द्वारका एक्सप्रेसवे को दिल्ली-गुरुग्राम को जोड़ने वाला महत्वाकांक्षी कॉरिडोर माना जाता है, लेकिन इस पर तेज रफ्तार वाहनों के चलते हादसों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। चौड़ी सड़क और कम रुकावटों के कारण ड्राइवर्स स्पीड लिमिट की अनदेखी करते हैं, जिससे निर्माण कार्य क्षेत्रों के पास मजदूरों और राहगीरों की जान हमेशा खतरे में रहती है।
गौरतलब है कि गुरुग्राम में हाल ही में एक महिला बाइकर के साथ हुए हिट एंड रन कांड ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। उस मामले में भी रफ्तार की समस्या सामने आई थी। उस कांड की गूंज अभी खत्म नहीं हुई थी कि यह नया हादसा शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर देता है।


























