गुजिया का नाम सुनते ही सबसे पहले त्योहारों और घर में बनने वाली पारंपरिक मिठाइयों की याद आती है। आमतौर पर गुजिया में मावा, मेवे और चीनी की भरावन डाली जाती है, लेकिन अगर आप इसमें पहाड़ी स्वाद का तड़का लगाना चाहते हैं तो हिमाचली सेब नाशपाती गुजिया जरूर ट्राई करें। इस खास गुजिया में सेब और नाशपाती की प्राकृतिक मिठास को खोया, नारियल, बादाम और चिरौंजी के साथ मिलाया जाता है। यही मिश्रण इसे सामान्य गुजिया से अलग और बेहद स्वादिष्ट बनाता है।
हिमाचल प्रदेश अपने स्वादिष्ट सेबों के लिए जाना जाता है। सेब के साथ नाशपाती को गुजिया की स्टफिंग में शामिल करने से भरावन में हल्का फ्रूटी स्वाद और बेहतरीन खुशबू आती है। बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम यह मिठाई त्योहार, पूजा, मेहमानों के स्वागत या किसी खास मौके पर बनाई जा सकती है।
हिमाचली सेब नाशपाती गुजिया बनाने के लिए सामग्री
गुजिया की बाहरी परत तैयार करने के लिए आपको 4 कप मैदा और लगभग 200 ग्राम पिघला हुआ घी चाहिए। आटे को गूंथने के लिए जरूरत के अनुसार पानी और स्वाद के लिए थोड़ा नमक इस्तेमाल करें।
भरावन तैयार करने के लिए 2 कप खोया, आधा कप बारीक कसा हुआ सूखा नारियल, आधा कप चिरौंजी, 200 ग्राम सेब, 200 ग्राम नाशपाती और करीब 50 ग्राम बारीक कटे बादाम लें। मिठास के लिए 2 चम्मच पिसी चीनी और खुशबू के लिए 2 बड़े चम्मच इलायची पाउडर डालें। गुजिया तलने के लिए पर्याप्त मात्रा में घी रखें।
भरावन तैयार करने का तरीका
सबसे पहले सेब और नाशपाती को अच्छी तरह धोकर छील लें। इनके बीज निकालकर छोटे टुकड़ों में काट लें। अब इन्हें खोया के साथ अच्छी तरह मसलते हुए मिला लें। इस मिश्रण को एक भारी तले वाले गहरे पैन में डालकर मध्यम आंच पर पकाएं।
मिश्रण को लगातार चलाते रहें ताकि खोया पैन के तले में चिपके नहीं। जब इसका रंग हल्का गुलाबी होने लगे और कच्चापन खत्म हो जाए, तब गैस बंद कर दें। इसे कुछ देर ठंडा होने दें।
मिश्रण के ठंडा होने के बाद इसमें कसा हुआ नारियल, चिरौंजी, कटे हुए बादाम, पिसी चीनी और इलायची पाउडर डालें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं ताकि मेवे और मसाले पूरे मिश्रण में समान रूप से फैल जाएं। तैयार भरावन को अलग रख दें।
गुजिया की बाहरी परत कैसे बनाएं
अब एक बड़े बर्तन में मैदा और नमक को छान लें। इसमें करीब पांच बड़े चम्मच पिघला हुआ घी डालकर हाथों से अच्छी तरह मिलाएं। मैदा में घी अच्छी तरह मिल गया है या नहीं, इसे जांचने के लिए थोड़ा आटा मुट्ठी में दबाकर देखें। अगर वह आसानी से बंध जाए तो मोयन सही है।
अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें। आटा बहुत नरम नहीं होना चाहिए, क्योंकि गुजिया की बाहरी परत को आकार देने के लिए हल्का सख्त आटा बेहतर रहता है। आटे को गीले कपड़े से ढककर लगभग 15 मिनट के लिए आराम करने दें।
गुजिया में भरावन भरने का तरीका
आराम दिए हुए आटे को बराबर आकार की छोटी-छोटी लोइयों में बांट लें। प्रत्येक लोई को बेलकर लगभग चार इंच व्यास की छोटी पूरी तैयार करें। पूरी न तो बहुत मोटी हो और न ही बहुत पतली।
अब गुजिया के सांचे पर हल्का घी लगाकर पूरी रखें। इसके एक हिस्से पर करीब एक बड़ा चम्मच तैयार भरावन रखें। पूरी के किनारों पर हल्का पानी लगाएं और सांचे को सावधानी से बंद कर दें।
सांचे को हल्के हाथ से दबाएं ताकि गुजिया के किनारे अच्छी तरह सील हो जाएं। बाहर निकला अतिरिक्त आटा काटकर अलग कर लें। इस आटे को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी तरह सारी गुजिया तैयार कर लें और उन्हें गीले कपड़े पर रखते जाएं, ताकि वे सूखें नहीं।
गुजिया तलने की सही विधि
एक गहरे और भारी पैन में पर्याप्त मात्रा में घी गर्म करें। घी बहुत तेज गर्म न हो, क्योंकि तेज तापमान पर गुजिया बाहर से जल्दी रंग पकड़ सकती है जबकि अंदर की परत अच्छी तरह नहीं पक पाएगी।
घी गर्म होने पर कुछ गुजिया सावधानी से डालें और मध्यम आंच पर तलें। उन्हें धीरे-धीरे पलटते रहें, जिससे दोनों तरफ एक समान सुनहरा रंग आए। जब गुजिया कुरकुरी और सुनहरी हो जाएं तो उन्हें घी से निकालकर अब्जॉर्बेंट पेपर पर रखें।
सारी गुजिया इसी तरह तल लें। इन्हें पूरी तरह ठंडा होने के बाद एयरटाइट कंटेनर में रखा जा सकता है।
हिमाचली गुजिया को खास क्या बनाता है?
इस गुजिया की सबसे बड़ी खासियत इसकी फल वाली भरावन है। सेब और नाशपाती खोया और मेवों के साथ मिलकर ऐसा स्वाद देते हैं, जिसमें पारंपरिक मिठास के साथ फलों की हल्की ताजगी भी महसूस होती है। नारियल और चिरौंजी इसमें अलग बनावट जोड़ते हैं, जबकि इलायची इसकी खुशबू को और बढ़ा देती है।
अगर आप इस बार होली, दिवाली या किसी पारिवारिक अवसर पर पारंपरिक गुजिया से कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और ठंडी होने के बाद कुछ दिनों तक एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित भी रखा जा सकता है।


























